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Monday, March 2, 2026
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Ahmedabad : शाहीबाग में काले धंधों का जाल? पॉश इलाके की छवि पर उठे गंभीर सवाल, स्थानीय सूत्रों के दावों से मचा हड़कंप ,शराब, जुआ, ड्रग्स और स्पा की आड़ में अवैध गतिविधियों की चर्चा तेज, स्थानीय लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित

अहमदाबाद। पॉश इलाका शाहीबाग असामाजिक तत्वों की नज़र में है। शाहीबाग थाना प्रभारी (पीआई) की निगरानी में शराब, जुआ और स्पा समेत सभी काले धंधे फल-फूल रहे हैं। अगर थाना प्रभारी सिंधव और भरोसेमंद प्रशासक समय पर नहीं चेते, तो आने वाले दिनों में इलाके में काले धंधों के वीडियो वायरल होने में ज़्यादा समय नहीं लगेगा। शाहीबाग के कई इलाकों में दिन के उजाले में भी बच्चे और महिलाएँ बाहर सड़क पार करने में डर महसूस कर रही हैं।

शाहीबाग पुलिस थाने की हद में प्रशासकों के राज में गैर-कानूनी धंधे फल-फूल रहे हैं। इलाके में एमडी ड्रग्स, देसी-विदेशी शराब के धंधे के साथ-साथ स्पा पार्लर भी खुल गए हैं। मसाज के नाम पर चल रही स्पा दुकानों में विदेशी लड़कियाँ वेश्यावृत्ति में लगी हैं। शाहीबाग पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी और उनके लोकप्रिय प्रशासकों की निगरानी में शराब तस्कर फल-फूल रहे हैं। थाना प्रभारी सिंधव और उनके भरोसेमंद प्रशासक गांधीनगर के लोगों को परेशान भी नहीं करते। मंत्रियों और नेताओं के नाम पर लाखों की किश्तें कैसे वसूली जाती हैं, इस पर चर्चा है। मुख्य प्रशासक हर्षद भाई और उप-प्रशासक प्रदीप सिंह शराब तस्करों से लाखों की किश्तें वसूलते हैं। अहमदाबाद के पॉश इलाके माने जाने वाले शाहीबाग में स्थानीय पुलिस की सरपरस्ती में हर तरह के काले धंधे फल-फूल रहे हैं। शाहीबाग पुलिस थाने के इलाके में शराब, जुआ और स्पा के नाम पर जिस्मफरोशी का जुर्म इतना बढ़ गया है कि आम लोगों, खासकर घरेलू महिलाओं का सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया है। इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि शाहीबाग को शराबियों और मौज-मस्ती करने वाले स्पा संचालकों की वजह से ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है। शाहीबाग पुलिस थाने के थाना प्रभारी सिंधव मुझे खुलेआम इतनी गालियाँ देते हैं कि गांधीनगर के लोग भी मुझे यहाँ से नहीं हटा सकते। इसलिए उनके प्रशासक इलाके में देसी और विदेशी शराब के धंधे के लिए शराब तस्करों को मनमानी करने देते हैं। शाहीबाग इलाका, जो कभी अहमदाबाद की शान माना जाता था, अब थाना प्रभारी सिंधव और उनके भरोसेमंद प्रशासकों की वजह से बदनाम हो रहा है। ध्यान देने वाली बात यह है कि शाहीबाग में रहने वाले अच्छे लोग भी इस थाना प्रभारी की मनमानी से इतने परेशान हैं कि अगर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरा मामला दिल्ली तक पहुँच सकता है। कुछ समय पहले हमारे दैनिक समाचार पत्र “पक्को गुजरात” ने रिपोर्ट किया था कि अहमदाबाद शहर के शाहीबाग पुलिस थाने की हद में शराब, जुआ, एमडी ड्रग्स और स्पा का धंधा धड़ल्ले से चल रहा है, साथ ही शराब तस्करों के नाम, विवरण और पते भी छापे गए थे। जिसके बाद कुछ दिनों तक शाहीबाग पुलिस थाने के थाना प्रभारी सिंधव और उनके स्थानीय मुख्य प्रशासक हर्षदभाई और उप-प्रशासक प्रदीप सिंह ने इलाके में चल रहे सभी गैर-कानूनी धंधों को बंद करा दिया था। अब एक बार फिर शाहीबाग पुलिस थाने की हद में थाना प्रभारी सिंधव और उनके स्थानीय मुख्य प्रशासक हर्षदभाई और उप-प्रशासक प्रदीप सिंह खुलेआम शराब-जुआ, एमडी ड्रग्स और स्पा का धंधा फिर से शुरू होने देते दिख रहे हैं। जिसमें शाहीबाग इलाके में एमडी ड्रग्स और देसी-विदेशी शराब के धंधे के साथ-साथ मसाज के नाम पर चल रहे स्पा पार्लरों में बाहर से विदेशी लड़कियों को बुलाकर उनसे गलत काम करवाया जा रहा है। फिर, प्रशासकों के राज में मसाज के नाम पर एक नहीं बल्कि 8 से 10 स्पा पार्लरों में गलत काम किया जा रहा है। साथ ही वे आज की पीढ़ी के युवाओं को शराब और ड्रग्स की लत लगाकर उनकी ज़िंदगी बर्बाद कर रहे हैं।
थाना प्रभारी सिंधव के स्थानीय मुख्य प्रशासक हर्षदभाई और उप-प्रशासक प्रदीप सिंह इन सभी गैर-कानूनी धंधों से लाखों रुपये वसूल कर थाना प्रभारी साहब और बड़े अधिकारियों तक पहुँचा रहे हैं। फिर ये दोनों प्रशासक कोई भी किश्त न देने पर उनके धंधे बंद करने और जेल में डालने की धमकी देकर लाखों रुपये वसूल रहे हैं। फिर जब हमारे “पक्को गुजरात” दैनिक समाचार के संपादक ने शाहीबाग पुलिस थाने के थाना प्रभारी सिंधव को इस गैर-कानूनी धंधे के बारे में फोन किया, तो संपादक का नंबर सेव होने के बावजूद उन्होंने पहले की तरह फोन उठाना बंद कर दिया। थाना प्रभारी सिंधव साहब और उनके भरोसेमंद प्रशासक इन लोगों से पैसा कमाने में दिलचस्पी रखते हैं, भले ही इससे समाज बर्बाद हो जाए। जिसके बाद अपराध शाखा और विशेष अपराध शाखा दल को शाहीबाग इलाके में चल रहे गैर-कानूनी धंधों की जानकारी मिली और वे मौके पर पहुँचे तथा लाल झंडे दिखाकर कहा कि इस इलाके में कोई गैर-कानूनी धंधा नहीं चल रहा है। जिससे लगता है कि शाहीबाग पुलिस थाने के मुख्य और उप-प्रशासक दोनों ही थाना प्रभारी साहब के साथ-साथ अपराध शाखा दल की जेबें भी गर्म कर रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक अपराध शाखा और विशेष अपराध शाखा की टीम छापा मारने से पहले शाहीबाग के प्रशासकों को सूचना दे देती है, इसलिए छापे के दौरान वे धंधा बंद रखते हैं और लाल झंडे दिखाकर बताते हैं कि यहाँ कोई गैर-कानूनी धंधा नहीं चल रहा है। अब मानो या न मानो, ऐसा लगता है कि शाहीबाग पुलिस थाने के थाना प्रभारी सिंधव और उनके मुख्य व उप-प्रशासकों के पीछे किसी राजनीतिक नेता का हाथ है। हमारी पिछली रिपोर्ट के बाद भी पुलिस सिस्टम की आँखें नहीं खुल रही हैं। इसे देखते हुए अगर आने वाले दिनों में कोई सामूहिक दुष्कर्म हो जाए या एमडी ड्रग्स के आदी युवाओं के हाथों हत्याओं में बढ़ोतरी हो जाए तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। अब देखना यह है कि हमारे दैनिक समाचार पत्र “पक्को गुजरात” की इस नई रिपोर्ट के बाद शाहीबाग इलाके में चल रहा गैर-कानूनी जुआ हमेशा के लिए बंद होगा या पिछली बार की तरह कुछ समय के लिए ही। अगर शाहीबाग पुलिस थाना इलाके में खुलेआम चल रहे शराब-जुआ और वेश्यावृत्ति पर रोक लगेगी।

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