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Monday, March 2, 2026
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Gandhinagar : झोंपड़ी बिजलीकरण योजना : राज्य सरकार ने 10 लाख से अधिक गरीबों के जीवन में फैलाया उजाला

गांधीनगर, 9 दिसंबर : गुजरात में झोंपड़ियों में रहने वाले गरीबों के घरों को प्रकाशमय करने के लिए राज्य सरकार द्वारा ‘झोंपड़ी बिजलीकरण योजना’ (झूंपडा वीजळीकरण योजना) लागू है। इस योजना के अंतर्गत झोंपड़ियों में रहने वालों को निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिए जाते हैं।

पिछले 5 वर्ष में इस योजना अंतर्गत 8,499 लाख रुपए की लागत से 1,52,466 झोंपड़ियों का मुफ्त बिजलीकरण कर गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाया गया है। इतना ही नहीं; संवेदनशील मुख्यमंत्री के रूप में विख्यात श्री भूपेंद्र पटेल ने वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 1,617 लाख रुपए के खर्च का प्रावधान किया है। साथ ही; योजना का अधिक से अधिक लोग लाभ ले सकें; इसके लिए लाभार्थियों के लिए वार्षिक आय सीमा 1.50 लाख रुपए तक की गई है।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में गुजरात में विद्युत आपूर्ति से जुड़े जो सुधारात्मक कदम उठाए थे, उस परंपरा को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल तथा उनकी सरकार भी सुचारु रूप से आगे बढ़ा रहे हैं। यही कारण है कि राज्य में झोंपड़ियों में रह रहे गरीबों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।

क्या है झोंपड़ी बिजलीकरण योजना ?

राज्य के ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन विभाग के अधीनस्थ यह झोंपड़ी बिजलीकरण योजना वर्ष 1996-97 से लागू की गई है। योजना का उद्देश्य गरीब झोंपड़ीवासियों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन देना है। झोंपड़ी बिजलीकरण योजना का क्रियान्वयन पूर्व में गुजरात विद्युत मंडल (जीईबी) द्वारा किया जाता था, परंतु 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिजली सुधारों की श्रृंखला शुरू की और जीईबी का पुनर्गठन करते हुए चार विद्युत वितरण कंपनियों दक्षिण गुजरात वीज कंपनी लिमिटेड (डीजीसीएल), मध्य गुजरात वीज कंपनी लिमिटेड (एमजीवीसीएल), पश्चिम गुजरात वीज कंपनी लिमिटेड (पीजीवीसीएल) तथा उत्तर गुजरात वीज कंपनी लिमिटेड (यूजीवीसीएल) का गठन किया। तब से झोंपड़ी बिजलीकरण योजना का क्रियान्वयन ये चार विद्युत वितरण कंपनियाँ कर रही हैं।

अधिक से अधिक लाभ पहुँचाने के लिए बढ़ाई गई आय सीमा

ऊर्जा विभाग की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार झोंपड़ी बिजलीकरण योजना का लाभ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले (बीपीएल) परिवारों और बीपीएल सूची में असमाविष्ट गरीबों को भी बिना किसी जातिगत भेदभाव के दिया जाता है। योजनांतर्गत कोई भी बीपीएल या अन्य गरीब परिवार अपनी झोंपड़ी में निःशुल्क बिजली कनेक्शन प्राप्त कर सके और अधिक से अधिक गरीब योजना का लाभ ले सकें; इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने समय-समय पर वार्षिक आय सीमा में वृद्धि की है। यही कारण है कि वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने ग्रामीण झोंपड़ीवासियों के लिए 47 हजार से 1 लाख 20 हजार रुपए तक तथा शहरी झोंपड़ीवासियों के लिए 68 हजार से 1 लाख 50 हजार रुपए तक की आय सीमा निर्धारित की, जबकि इससे पहले यह आय सीमा क्रमशः ग्रामीण के लिए 27 हजार से 47 हजार रुपए तक तथा शहरी के लिए 35 हजार से 47 हजार रुपए तक ही थी। आय सीमा का दायरा बढ़ाने से लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई तथा अधिक से अधिक गरीबों के घरों में उजाला फैलाने में सफलता प्राप्त हुई।

अब तक 10 लाख से अधिक झोंपड़ी बिजलीकरण

राज्य सरकार ने झोंपड़ी बिजलीकरण योजना अंतर्गत अब तक (नवंबर-2025) 10 लाख 9 हजार 736 झोंपड़ियों को मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया है, जिसमें पिछले पाँच वर्ष में 1 लाख 52 हजार 466 झोंपड़ियों का बिजलीकरण हुआ है। राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 में इस योजना अंतर्गत 1,617.03 लाख रुपए की लागत से 25 हजार 939 झोंपड़ीवासियों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देकर उनके जीवन को रोशन किया है। इतना ही नहीं; मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने गरीबों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए अगले वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए भी 1,617 लाख रुपए के खर्च का प्रावधन किया है, जिससे राज्य के अधिक से अधिक गरीब झोंपड़ीवासियों के घरों में बिजली का उजाला पहुँच सके और उनके जीवन स्तर में सुधार आए तथा ईज ऑफ लिविंग में वृद्धि हो।

कैसे लिया जा सकता है योजना का लाभ ?

झोंपड़ी बिजलीकरण योजना का ऊर्जा एवं पेट्रोरसायन विभाग के अपर मुख्य सचिव के नेतृत्व में क्रियान्वयन किया जाता है। राज्य स्तर पर गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जीयूवीएनएल) के मुख्य अभियंता (टेक) द्वारा योजना का क्रियान्वयन किया जाता है। निर्धारित आय सीमा वाले बीपीएल या अन्य गरीब लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लाभार्थियों को तहसील विकास अधिकारी/तहसील पंचायत कार्यालय में, जबकि शहरी क्षेत्र के लाभार्थियों को नगर पालिका/म्युनिसिपालिटी कार्यालय में आवेदन देना होता है। पंजीकृत आवेदनों की सूची सम्बद्ध विद्युत वितरण कंपनियों के सम्बद्ध क्षेत्रीय कार्यालय को भेजी जाती है और उसके बाद आवश्यक मानदंड पूर्ण करने वाले आवेदकों को निःशुल्क बिजली कनेक्शन दिए जाते हैं।

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