गांधीनगर, 23 दिसंबर : देश में सुशासन के मूल्यों को प्रोत्साहन देने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री तथा भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती यानी 25 दिसंबर को ‘सुशासन दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने सुशासन के मूल्यों का अनुकरण करते हुए नागरिकों के सर्वांगीण कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं की शुरुआत की है। इनमें एक महत्वपूर्ण योजना है : मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना, जो बच्चों की शिक्षा के साथ उनका पोषण भी सुनिश्चित करती है। इस योजना का लाभ गुजरात के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिल रहा है।
बच्चों की शिक्षा के साथ उनके पोषण पर भी बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन के अलावा; मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना अंतर्गत ताजा एवं पौष्टिक नाश्ता दिया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप सरकारी स्कूलों के प्रति बच्चों का लगाव बढ़ा है और साथ ही बच्चों में पोषण के स्तर में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसके अतिरिक्त; सरकारी स्कूलों में आधुनिक क्लासरूम, पानी, बिजली, शौचालय, स्वच्छता, ट्रांसपोर्टेशन सहित सुविधाएँ उपलब्ध कराने में कोई कमी न रह जाए; इसके लिए राज्य सरकार सदैव कटिबद्ध है।”

मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना ने सुशासन को दी नई दिशा
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने अपने 3 वर्ष के कार्यकाल के दौरान सुशासन, सेवा एवं विकास के नए मानदंड स्थापित किए हैं। उन्होंने लोक कल्याणकारी योजनाओं द्वारा राज्य की जनता का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर सुशासन को नई दिशा दी है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने 11 दिसंबर, 2024 को ‘मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना’ की शुरुआत की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुपोषित गुजरात मिशन अंतर्गत सरकारी एवं अनुदानित प्राथमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को पीएम पोषण योजना के तहत दिए जाने वाले दोपहर के भोजन के अलावा पौष्टिक अल्पाहार भी मिले।
पीएम पोषण योजनांतर्गत समाविष्ट सभी स्कूलों में उपस्थित रहने वाले विद्यार्थी ‘मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना’ अंतर्गत नियमित लाभ ले रहे हैं। मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना अंतर्गत विद्यार्थियों को औसत 200 किलो कैलोरी तथा 6 ग्राम प्रोटीन से युक्त पौष्टिक अल्पाहार दिया जाता है। हाल में राज्य के *लगभग 32,265 प्राथमिक विद्यालयों के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को कैलोरी-प्रोटीनयुक्त अल्पाहार मिल रहा है।

विद्यार्थियों की स्कूल में उपस्थिति से लेकर उनके पोषण के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई
गांधीनगर की देहगाम तहसील की अहमदपुर प्राथमिक शाला में विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना का लाभ मिल रहा है। यह योजना किस प्रकार बच्चों के लिए लाभदायी सिद्ध हुई है; इस संबंध में शाला के आचार्य श्री हसमुखभाई पटेल ने कहा, “मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना शुरू होने के बाद विद्यार्थियों की स्कूल में उपस्थिति से लेकर उनके पोषण के स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्र में माता-पिता रोजमर्रा के कामों के लिए घर से बाहर जाया करते हैं। ऐसे में बच्चों को भोजन किए बिना स्कूल में आना पड़ता है। मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना शुरू होने से पहले स्थिति ऐसी थी कि कई बच्चे नियमित स्कूल नहीं आते और उनका पढ़ने में भी मन नहीं लगता। यह योजना शुरू होने के बाद विद्यार्थी नियमित स्कूल आने लगे हैं। इतना ही नहीं; इस योजना के कारण कुपोषित बच्चों की संख्या में भी उल्लेखनीय कमी आई है। विद्यार्थियों को अल्पाहार में दलहन (कठोळ) दिया जाता है, जिसके कारण उनका शारीरिक विकास भी हो रहा है। गुजरात सरकार की यह संवेदनशील योजना बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।”
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना अंतर्गत बच्चों को सुखडी (आटा-घी और गुड़-चीनी से बनने वाला खाद्यान्न), चना चाट, मिक्स दलहन, मिलेट का अल्पाहार दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री पौष्टिक अल्पाहार योजना के लिए 617.67 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
गुजरात पीएम पोषण योजना अंतर्गत भोजन के अलावा; बालवाटिका से कक्षा 8 तक के सभी विद्यार्थियों को अल्पाहार देने का निर्णय लेने वाला अग्रिम राज्य है। गुजरात सरकार इस पोषणोन्मुखी योजना के क्रियान्वयन द्वारा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘पढ़ाई भी, पोषण भी’ के ध्येय को साकार कर रही है।


