गांधीनगर, 05 दिसंबर : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को ऊंझा में 10 बीघा के विशाल कैम्पस में आकार लेने वाले अत्याधुनिक मेनाबा रोटरी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव रखकर जनकल्याण का दृष्टिकोण अपनाया है, इसके परिणामस्वरूप आज दूरस्थ क्षेत्रों में भी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हुई हैं।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह हॉस्पिटल पूरे उत्तर गुजरात के लिए एक आधुनिक आरोग्य धाम बनेगा। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के इस यज्ञ में अपना योगदान देने वाले सभी दानदाताओं को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बदलाव लाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा क 11 वर्षों के उनके कार्यकाल में चिकित्सा सेवा के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा में भी आमूल परिवर्तन आया है।
जब वे गुजरात में मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में 1175 मेडिकल सीटें थीं, उनके दूरदर्शी नेतृत्व में सीटों की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई है। इसके चलते अब दूरस्थ गांवों में भी डॉक्टरों की सुविधा आसानी से मिलने लगी है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य को बनाए रखने और महंगे उपचार के खर्चों को कम करने के लिए आयुष्मान योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए तक की मुफ्त उपचार व्यवस्था की है। राज्य सरकार ने इसमें 5 लाख रुपए और जोड़कर गुजरात की जनता को कुल 10 लाख रुपए का स्वास्थ्य रक्षा कवच प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज राज्य की हर तहसील में डायलिसिस सेंटर और हर जिले में कीमोथेरेपी सेंटर शुरू हो गए हैं, जिसके कारण लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ता।
ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स मंत्री श्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि डॉक्टर और कुशल मेडिकल स्टाफ स्वास्थ्य सेवा के लिए एक बुनियादी जरूरत है और प्रधानमंत्री ने इस जरूरत को पूरा करने रके लिए मेडिकल सीटों में बड़ी वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि राज्य में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और उप जिला अस्पताल जैसा एक मजबूत ढांचा विकसित हुआ है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह हॉस्पिटल अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण सड़क दुर्घटना जैसी गंभीर आपदा में बहुत ही सहायक सिद्ध होगा।
ऊंझा में बनने वाले इस हॉस्पिटल का भवन 1 लाख वर्ग फुट क्षेत्र और 10 बीघा के विशाल कैम्पस के साथ अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेगा। हॉस्पिटल में ही 4 ऑपरेशन थियेटर, 200 से अधिक बेड, 20 आईसीयू बेड और 20 स्पेशलिटी क्लिनिक्स की सुविधा उपलब्ध होगी। हॉस्पिटल में जनरल मेडिसिन, न्यूरो एवं स्पाइन, ऑर्थोपेडिक, प्रसूति और स्त्री रोग, कार्डियोलॉजी, ऑन्को सर्जन और क्रिटिकल केयर जैसे सभी महत्वपूर्ण विभाग कार्यरत होंगे।
चिकित्सा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर आईवीएफ, नवजात शिशुओं और बच्चों के लिए नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) और पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू), कीमोथेरेपी सेंटर और गायनेक लेबर रूम जैसी विशेष सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। यही नहीं, सातों दिन, चौबीसों घंटे सेवाओं के तहत फार्मेसी, लेबोरेटरी, सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक और आईसीयू ऑन व्हील जैसी निर्णायक सुविधाएं मरीजों की तत्काल देखभाल के लिए उपलब्ध होंगी।
सांसद श्री हरिभाई पटेल, मयंकभाई नायक और बाबूभाई देसाई ने इस अवसर पर अपने शुभकामना संदेश दिए।
शिलान्यास कार्यक्रम में प.पू. 1008 महंत श्री जयरामगिरिजी गुरुश्री बळदेवगिरिजी महाराज, विधायक सर्वश्री के.के. पटेल (ऊंझा), मुकेशभाई पटेल (मेहसाणा), सरदारभाई चौधरी (खेरालू), सुखाजी ठाकोर (बहुचराजी), राजेन्द्र भाई चावड़ा (कड़ी) और किरीटभाई पटेल (पाटण), ऊंझा नगर पालिका अध्यक्ष सुश्री जिज्ञाबेन पटेल, एपीएमसी ऊंझा के चेयरमैन श्री दिनेश पटेल, अग्रणी श्री गिरीश राजगोर, कलेक्टर श्री एस.के. प्रजापति, जिला विकास अधिकारी डॉ. हसरत जैसमीन और हॉस्पिटल के दानदाताओं सहित बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
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