E-Paper
Tuesday, March 3, 2026
E-Paper
HomeHindi NewsGandhinagar : ’विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के संकल्प को साकार...

Gandhinagar : ’विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाली ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस : कच्छ एवं सौराष्ट्र’ का राजकोट से भव्य प्रारंभ

’विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाली ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस : कच्छ एवं सौराष्ट्र’ का राजकोट से भव्य प्रारंभप्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के करकमलों से पाँच दिवसीय बिजनेस एग्जीबिशन का उद्घाटनप्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी, मुख्य सचिव श्री एम. के. दास की प्रेरक उपस्थिति में कच्छ-सौराष्ट्र की औद्योगिक क्षमता तथा कला-कौशल की प्रदर्शनी देखी18,000 वर्ग मीटर में फैले एग्जीबिशन में ‘एंटरप्राइज एक्सीलेंस’ से लेकर ‘हर घर स्वदेशी’ की झाँकी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को राजकोट के मारवाड़ी विश्वविद्यालयसे ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने वाली ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस : कच्छ एवं सौराष्ट्र’ तथा पाँच दिवसीय बिजनेस एग्जीबिशन का गरिमापूर्ण शुभारंभ कराया। क्षेत्रीय आकांक्षाओं के साथ वैश्विक महत्वाकांक्षा के मंत्र को चरितार्थ करने वाले इस आयोजन में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल, उप मुख्यमंत्री एवं गृह राज्य मंत्री श्री हर्ष संघवी थथा मुख्य सचिव श्री एम. के. दास आदि महानुभावों की प्रेरक उपस्थिति रही।

उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने 18,000 वर्ग मीटर में फैली इस विशाल प्रदर्शनी को देखा। उन्होंने ‘एंटरप्राइज एक्सीलेंस पैवेलियन’ में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, एस्सार, न्यारा एनर्जी तथा ज्योति सीएनसी जैसी अग्रणी इकाइयों द्वारा देश के आर्थिक विकास में दिए जा रहे योगदान का निरीक्षण किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने गुजरात की बढ़ती जा रही औद्योगिक शक्ति तथा टेक्नोलॉजिकल प्रगति की प्रशंसा की।

कच्छ एवं सौराष्ट्र के समुद्र तट की असीम क्षमताओं को उजागर करने वाले ‘ओशन ऑफ अपॉर्चुनिटीज’ पैवेलियन में प्रधानमंत्री ने विशेष रुचि दर्शाई। गुजरात मैरीटाइम बोर्ड द्वारा ब्लू इकोनॉमी के विकास की प्रस्तुति तथा रिलायंस न्यू एनर्जी जैसे स्टॉल्स द्वारा प्रदर्शित नई टेक्नोलॉजी ने आकर्षण जमाया। इस प्रदर्शनी में उद्योग जगत के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण के समन्वय की झाँकी प्रस्तुत की गई है।

स्थानीय कला एवं उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए ‘हर हर स्वदेशी’ के मंत्र के साथ एमएसएमई पैवेलियन तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री ने यहाँ ग्रामीण कारीगरों की हस्तकला तथा स्वदेशी हाट को देखा, जहाँ उन्होंने बुक रिव्यू में अपने प्रतिभाव भी दर्ज किए। 15 जनवरी तक चलने वाली यह प्रदर्शनी विद्यार्थियों तथा सामान्य नागरिकों के लिए ज्ञानवर्धक बनी रहेगी और ‘विकसित@2047’ के लक्ष्य को नई गति देगी।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments