मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस के अवसर पर गुजरात राज्य भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) द्वारा गांधीनगर में आयोजित समारोह में कहा कि एसीबी किसी गरीब की सहायक होने का भाव उजागर करने के लिए कार्य करने वाला विभाग है।

श्री पटेल ने कहा कि हम जो कार्य करें या ड्यूटी निभाएँ, उससे आत्मसंतोष हो; ऐसी हमारी कर्तव्यनिष्ठा हो, जिससे यह भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाना ही न पड़े। उन्होंने ऐसा श्रेष्ठ वातावरण निर्मित करने की भी प्रेरणा दी।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी की उपस्थिति में आयोजित समारोह में एसीबी में उत्तम कार्य करने वाले लगभग 10 कर्मचारियों-अधिकारियों का सम्मान किया।
इतना ही नहीं; किसी न किसी कार्य के लिए रिश्वत मांगने वाले भ्रष्टाचारी अधिकारियों का पर्दाफाश कर एसीबी में उनके विरुद्ध आवाज उठा कर तथा शिकायत कर उन्हें गिरफ्तार करवाने वाले 4 साहसी नागरिकों और भ्रष्टाचार के विरुद्ध सामाजिक जागरूकता अभियान के तहत सतर्कता सप्ताह के दौरान आयोजित निबंध एवं वक्तव्य प्रतियोगिताओं के विजेता 12 छात्रों को प्रमाणपत्र भी इस अवसर पर प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘विकास भी, विरासत भी’ का मंत्र हमें दिया है। हम दिन-प्रतिदिन विकास करते जा रहे हैं। उसके साथ हम ‘अधिकार से बाहर का नहीं लेना चाहिए’ की हमारी संस्कार विरासत को भी बनाए रखें और हमारे कार्य में ही आत्मसंतोष खोजें।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं ही किया जा सकता। इस जीरो टोलरेंस की प्रतिबद्धता के साथ प्रधानमंत्री विकसित भारत के लिए कार्यरत हैं। हमें विकसित भारत के लिए विकसित गुजरात बनाने में अग्रसर रहना है और इसके लिए आवश्यक है कि भ्रष्टाचार मुक्त गुजरात के निर्माण क लिए एसीबी कड़ाई से पेश आए।
उन्होंने एसीबी द्वारा भ्रष्टाचारियों को पस्त किए जाने के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि एसीबी की ऐसी कड़ी एवं सतर्क छवि बनाएँ कि गलत करने वाले को सतत भय रहे कि कुछ गलत हो ही नहीं। इससे भ्रष्टाचार रुकेगा और गुजरात की विकास यात्रा को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने भगवान श्री रामचंद्र द्वारा राजमहल छोड़कर किए गए वनवास तथा लुटेरे वाल्मीकि से ऋषि वाल्मीकि होने के कर्मयोग भाव के उदाहरण भी मार्मिक ढंग से समझाए।
उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी ने समाज व्यवस्था में भ्रष्टाचाररूपी दीमक को कंट्रोल में रखने का कार्य करने वाले एसीबी की समग्र टीम को अभिनंदन देते हुए कहा कि गुजरात की एसीबी टीम ने किसी भी प्रकार के क्लास, कैडर या अधिकारी जैसे लेवल को देखे बिना यानी केवल छोटे लोगों को ही नहीं, बल्कि प्रशासन के उच्च पदों पर बैठे भ्रष्टाचारियों को भी पकड़कर साहस के साथ कड़ी कार्रवाई की है।
पिछले तीन वर्ष में 34 क्लास वन तथा 98 क्लास टू अधिकारियों के विरुद्ध जाल बिछाकर करप्शन के केस दर्ज किए गए हैं। चालू वर्ष में 194 केस दर्ज किए गए हैं और 277 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री के मृदु एवं दृढ़ स्वभाव का उल्लेख कर राज्य में चले ऑपरेशन गंगाजल का हवाला देते हुए श्री संघवी ने जोड़ा कि भ्रष्टाचारियों के विरुद्ध आक्रामकता तथा जीरो टोलरेंस की नीति से मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल अत्यंत दृढ़ता से कदम उठा रहे हैं। अनिवार्य (बाध्य) सेवानिवृत्ति के ऐतिहासिक आँकड़े इसके साक्षी हैं।
उप मुख्यमंत्री ने टेक्नोलॉजी के अधिकतम् उपयोग पर बल देते हुए कहा कि एसीबी की टीम टेक्नोक्रेट है। इस टीम द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्राप्त आवेदनों तथा उन पर कार्रवाई के लिए एआई सहित और भी विभिन्न आधुनिक टेक्नोलॉजी का अधिकतम् उपयोग किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एम. के. दास ने कहा कि आज जब समग्र विश्व में एंटी करप्शन डे मनाया जा रहा है, तब भ्रष्टाचार केवल भारत की समस्या नहीं है, अपितु यह अंतरराष्ट्रीय समस्या है। भ्रष्टाचार देश के विकास में बहुत बड़ा अवरोध बनता है, जिसके गरीब नागरिकों को बहुत परेशानियाँ होती हैं।
श्री दास ने जोड़ा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का सुझाव है कि यूनिटी विजिलेंस से प्रिवेंटिव विजिलेंस अधिक महत्वपूर्ण है। इस संदर्भ में गुजरात सरकार ने बहुत कदम उठाए हैं; जिसमें सरल नियम, बड़े पैमाने पर रिफॉर्म्स, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, राजस्व कानूनों में फेरबदल शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में स्वागत संबोधन करते हुए एसीबी निदेशक श्री पीयूष पटेल ने कहा कि पिछले दो महीनों में एसीबी द्वारा सतर्कता जागृति सप्ताह अंतर्गत राज्य के अलग-अलग स्कूलों में ‘भ्रष्टाचार – देश के विकास में अवरोधक परिबल’, ‘जागृत नागरिक – विकसित देश’ जैसे विषयों पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। ‘जागरूकता, पारदर्शिता एवं प्रामाणिकता मेरी नजर में’ और ‘मैं एक प्रामाणिक अधिकारी’ जैसे विषयों पर वक्तव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सत्यनिष्ठा की शपथ लिए जाने के कार्यक्रम किए गए। इसके अलावा; जन जागृति के अंतर्गत नुक्कड़ नाटकों, मैराथन दौड़ का आयोजन तथा एसीबी की हेल्पलाइन 1064 के पैम्फ्लेट का व्यापक प्रचार किया गया।
इस अवसर पर गुजरात सतर्कता आयोग की आयुक्त श्री संगीता सिंह, सीआईडी क्राइम एंड रेलवे डीजीपी डॉ. के. एल. एन. राव, एनएफएसयू के उप कुलपति डॉ. जे. एम. व्यास, एसीबी के अधिकारी, कर्मचारी, जागरूकता दर्शाकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत करने वाले नागरिक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।


