E-Paper
Tuesday, March 3, 2026
E-Paper
HomeHindi NewsNational : कांग्रेस ने गुजरात में सरदार पटेल की जयंती पर एकता...

National : कांग्रेस ने गुजरात में सरदार पटेल की जयंती पर एकता परेड के लिए बनाई गई झांकियों में भ्रष्टाचार पर भाजपा सरकार को घेरा

कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए गुजरात में सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर एकता परेड के लिए बनाई गई झांकियों में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। पार्टी ने बताया कि पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया को दरकिनार कर चहेती फर्मों को काम दिया गया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी को झांकियां निर्धारित करने के लिए नियुक्त किया गया।

कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए गुजरात से राज्यसभा सांसद शक्ति सिंह गोहिल ने एक गुजराती कहानी का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा का हाल कहानी के उस पात्र जैसा है जो कहता तो है कि वह चोरी नहीं करता, लेकिन धोखेबाजी से चोरी कर लेता है। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ‘ना खाऊंगा ना खाने दूंगा’ का नारा देने वाले अब करोड़ों से कम की बात नहीं करते।

कांग्रेस नेता ने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जन्म जयंती पर केंद्र सरकार ने गुजरात में एकता परेड रखने का निर्णय लिया था। गृह विभाग के 31 अक्टूबर के सर्कुलर का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली एकता परेड के लिए झांकियां बनाने का काम बिना किसी टेंडर के पांच चुनिंदा फर्मों को दे दिया गया। सरकार ने कहा कि समय की कमी के बहाने से टेंडर नहीं निकाले गए। गोहिल ने पूछा कि जब सरदार पटेल की जयंती के बारे में पहले से पता था, तो अचानक समय की कमी कैसे हो गई? गोहिल ने खुलासा किया कि जिन पांच फर्मों को चुना गया, उनमें से दो फर्मों के मालिक पति-पत्नी ही हैं।

गोहिल ने खुलासा किया कि एक और सर्कुलर निकालकर बताया गया कि इन पांच फर्मों द्वारा बनाई गई झांकियों को सिर्फ प्रधानमंत्री के भाई पंकज मोदी फाइनल करेंगे। उन्होंने कहा कि नेताओं के परिवारों से आने वाले व्यक्ति अगर किसी काम में एक्सपर्ट हैं तो उन्हें नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन इस मामले में पंकज मोदी विशेषज्ञ नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा से विचारधारा की लड़ाई लड़ती है, नेताओं के परिवारों के सदस्यों पर टिप्पणी करना पार्टी के संस्कार में नहीं है, लेकिन जनहित में यह बात सामने रखना आवश्यक है। प्रधानमंत्री के भाई के करियर ग्राफ पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पंकज मोदी 1981 में तृतीय श्रेणी कर्मचारी के रूप में भर्ती हुए थे, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर उन्हें प्रथम श्रेणी का अधिकारी बना दिया गया, जबकि एससी-एसटी वर्ग के उनके सहयोगी भी प्रथम श्रेणी तक नहीं पहुंच सके। 2016 में रिटायर होने के बाद भी उन्हें वर्षों तक उसी विभाग में दोबारा नियुक्त कर दिया गया। अब उन्हें झांकी विशेषज्ञ बनाकर 10,000 रुपये प्रतिदिन का मानदेय और अन्य सरकारी सुविधाएं दी जा रही हैं।

कांग्रेस नेता ने तीखे सवाल करते हुए पूछा कि टेंडर प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया गया? इन पांच फर्मों के चयन का आधार क्या था? पांच फर्मों का चयन करना था, तो उसमें पति-पत्नी का चयन क्यों किया? देश में झांकी के लिए तमाम एक्सपर्ट हैं, तो प्रधानमंत्री के भाई को अथॉरिटी कैसे बना दिया? गोहील ने प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे से पहले उनसे गांधीनगर में जहरीले पानी से फैलते टायफाइड, किसानों की बदहाली और पशुपालकों के लिए चारे की कमी पर भी जवाब मांगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments