श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के जगद्गुरु पद पर अभिषिक्त होने के उपरांत परम पूज्य जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि नन्द गिरि जी महाराज का प्रथम बार तीर्थराज प्रयागराज में आगमन हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने अपने गुरुदेव के आदेशानुसार सर्वप्रथम प्रातःकाल त्रिवेणी संगम पहुंचकर विधिवत पूजन-अर्चन किया।तत्पश्चात जगद्गुरु महाराज ने वेणी माधव मंदिर में दर्शन-पूजन किया, उसके उपरांत महर्षि भारद्वाज आश्रम में पूजन कर सप्तऋषियों का स्मरण एवं दर्शन किया। इसके साथ ही उन्होंने संपूर्ण प्रयागराज धाम के प्रमुख तीर्थों के दर्शन किए तथा माँ ललिता देवी मंदिर में श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना संपन्न की।इसके उपरांत जगद्गुरु महाराज मौज गिरी, जूना अखाड़ा, कीडगंज पहुंचे, जहां उन्होंने अपने पूज्य गुरुदेव श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक पूज्य श्री हरि गिरि जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धर्म एवं राष्ट्रहित विषयों पर विस्तृत चिंतन किया।
इस पावन अवसर पर प्रयागराज के वरिष्ठ नेता कुमार नारायण (भयंदर) अपने दर्जनों समर्थकों के साथ उपस्थित होकर जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज का पुष्पमाला एवं पटका पहनाकर भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को जूना अखाड़ा द्वारा जगद्गुरु की उपाधि प्रदान की गई है। उन्होंने घोषणा की कि प्रयागराज सहित पूरे देश में जगद्गुरु महाराज के सम्मान में भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा का भी पूरे देश में अभिनंदन एवं स्वागत किया जाएगा, जिसने यह ऐतिहासिक निर्णय लेकर सनातन धर्म की गरिमा को और ऊंचाई प्रदान की है। उन्होंने आगे कहा कि शीघ्र ही प्रयागराज में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम में केपी ट्रस्ट अध्यक्ष के सुपुत्र कौशलेंद्र नाथ सिंह सहित अनेक श्रद्धालुओं ने जगद्गुरु महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। कौशलेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि स्वामी चक्रपाणि जी महाराज को जगद्गुरु पद पर आसीन किया गया है।इस अवसर पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि जी महाराज ने कहा कि शीघ्र ही पूरे देश में “हिंदू स्वाभिमान यात्रा” निकाली जाएगी, जिसका उद्देश्य धर्म रक्षा, गौ रक्षा, मंदिरों की सुरक्षा एवं संतों तथा गौभक्तों की रक्षा सुनिश्चित करना होगा।पत्रकारों द्वारा वृंदावन में गौभक्त परसा बाबा की हत्या के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी दोषियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ेंगे और शीघ्र ही न्याय सुनिश्चित होगा।
जगद्गुरु महाराज ने कहा कि अपने पूज्य गुरुदेव से विमर्श उपरांत श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, विभिन्न हिंदू संगठनों एवं धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से राष्ट्रव्यापी “हिंदू स्वाभिमान यात्रा” प्रारंभ की जाएगी।उन्होंने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य सदैव धर्म रक्षा, राष्ट्र रक्षा एवं हिंदू स्वाभिमान की रक्षा रहा है। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में प्रमुख पक्षकार के रूप में उनकी भूमिका, राष्ट्रविरोधी शक्तियों के विरुद्ध उनके साहसिक कदम तथा हिंदू समाज के सम्मान हेतु उनके द्वारा किए गए कार्य सर्वविदित हैं। यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि समस्त राष्ट्रवादी एवं धर्मनिष्ठ समाज का सम्मान है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे –
सुमित श्रीवास्तव, संचित निधि, आर.के. श्रीवास्तव, दिलीप श्रीवास्तव (दीपू), भानु प्रताप सिंह, अमित श्रीवास्तव (रिंकू), धर्मेंद्र कुमार श्रीवास्तव (समीर), कौशलेंद्र बहादुर सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु।


