पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय संगठन आईरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने कहा कि जिस तरीके से धमतरी जिले में लोक संचनालय शिक्षा विभाग के द्वारा 2007-8 में फर्जी तरीके से शिक्षाकर्मी नियुक्त होकर 19 साल तक शासन की आंखों में धूल झोंकने वाले प्रधान पाठक तक का सफर कर चुके फर्जी शिक्षा कर्मियों के खिलाफ बर्खास्त किया गया है वह सराहनीय है उच्चस्तरीय सुत्रो से मिली जानकारी अनुसार राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव में भी 2007 8 9 में तत्कालीन बीईओ के द्वारा सैकड़ो लोगों की फर्जी नियुक्ति किया गया था वह मामला काफी चर्चा में था इस मामले की उच्च स्तरीय शिकायत हुई थी उस समय तत्कालीन बीईओ को निलंबित किया गया था उसकी खुद की पुत्री भी सामान्य होते हुए भी विकलांग कोटे से नियुक्त हुई है तत्कालीन कलेक्टर ने उसे फर्जी माना था लेकिन हाई कोर्ट से स्टे ले आया था उनकी पुत्री सहित उनके द्वारा नियुक्त किए गए सैकड़ो फर्जी शिक्षा कर्मियों की जांच हो एवं दोषी पाए जाने पर विभिन्न भारतीय दंड संहिता में एफआईआर दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाए एवं जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए साथ ही इतने सालों तक सरकार के पैसा आहरण करने वाले लोगों से रिकवरी किया जाए एवं उन्हें सड़क पर घुमाया जाए यह भी सोचने वाली बात है कि जिस बीईओ को तत्कालीन भाजपा सरकार ने निलंबित किया था उसे वर्तमान भाजपा सरकार ने प्रमोट करते हुए डीईओ बना दिया गया है इसकी भी उच्च स्तरीय जांच हो कि आखिर किस नेता ने इस विवादित अधिकारी के लिए अनुशंसा किया था.

Reporter : हेमंत वर्मा प्रदेश अध्यक्ष आईंरा छत्तीसगढ़


