लखनऊ आर भारत के पत्रकार के साथ रिपोर्टिंग के दौरान पुलिस द्वारा की गई धक्का-मुक्की का मामला तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है। संवेदनशील मामले की कवरेज रोकने की कोशिश और पत्रकार से अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पत्रकार संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय पत्रकार मौके पर अपनी ड्यूटी निभा रहे थे तभी पुलिस ने उन्हें कवरेज से हटाने का प्रयास किया और प्रतिरोध करने पर धक्का-मुक्की की। वायरल हो रहे वीडियो में पुलिस और पत्रकार के बीच तनाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
उपरोक्त घटना की घोर निंदा करते हुए पत्रकार संगठन आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने कहा कि “यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। पत्रकार संविधान प्रदत्त अधिकार के तहत अपना दायित्व निभा रहे थे, ऐसे में पुलिस का यह व्यवहार प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।” उन्होंने कहा कि यदि पत्रकारों को सच्चाई दिखाने से रोका जायेगा तो शासन-प्रशासन की जवाबदेही संदिग्ध हो जायेगी। जिस तरीके से लोकतंत्र के तीनों स्तंभ न्यायपालिका कार्यपालिका विधायिका को संवैधानिक दर्जा दिया गया है उसी तरीके से देश के चौथा एवं महत्वपूर्ण आधार स्तंभ मीडिया को भी संवैधानिक दर्जा दिए जाने की मांग हेमंत वर्मा ने किया है साथ ही इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग किया है मामले की गंभीरता को देखते हुए बहुत जल्द केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय साथ ही गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा जाएगा


