वैसे तो राजनांदगांव को हॉकी की नर्सरी कहा जाता है यहां एक से बढ़कर एक हांकी के प्लेयर हुए हैं लेकिन अब संस्कारधानी बास्केटबॉल जैसे खेलों में भी आगे बढ़ते हुए दिख रहा है शहर की बेटी काम्या झा ने बास्केटबॉल में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन की बदौलत से राजनांदगांव का नाम छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश भर में स्थापित किया है काम्या झा की बहन भी बास्केटबॉल की एक उत्कृष्ट खिलाड़ी है घर में खेल के प्रति अच्छा माहौल है उनके पिता श्री नारायण झा लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं यही कारण है कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन की वजह से बास्केटबॉल में अपनी अमिट छाप छोड़ी है उन्हें अनेकों अवार्ड प्राप्त हो चुके हैं हाल ही में बास्केटबॉल की टीम ने राजनांदगांव में 69वें राष्ट्रीय खेल में स्वर्ण पदक हासिल किया जिसमें काम्या झा की विशेष भूमिका रही है आगे उन्होंने बताया कि उन्होंने अब तक कई स्टेट और नेशनल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया है उन्होंने बताया कि वह देश के अलग-अलग राज्यों में आयोजित नेशनल गेम्स से लेकर स्टेट चैंपियनशिप में लगातार भाग ले रही है उन्होंने कहा कि अगर मौका मिले तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्कारधानी राजनांदगांव का नाम रोशन करना चाहती है.

Reporter : हेमंत वर्मा विशेष संवाददाता राजनांदगांव छत्तीसगढ़


