सरकारी स्कूल में सहायक ग्रेड-03 महिला कर्मचारी ने लगाया मानसिक प्रताड़ना और छेड़छाड़ का आरोप, हिंदी माध्यम के व्याख्याता सुशील कुमार चौरसिया के खिलाफ शिकायत
प्राप्त जानकारी के अनुसार पीएम श्री आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल अंबागढ़ चौकी में पदस्थ महिला कर्मचारी ने लिखित शिकायत किया है कि स्कूल के हिंदी माध्यम के शिक्षक सुशील कुमार चौरसिया द्वारा उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी, अभद्र व्यवहार करते हैं और अपनी अनैतिक बातों को मनवाने का दबाव डालते है।
पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, अंबागढ़ चौकी में कार्यरत महिला कर्मचारी ने विद्यालय के व्याख्याता (हिन्दी माध्यम) श्री सुशील चौरसिया पर मानसिक प्रताड़ना, दुर्व्यवहार, कार्य में हस्तक्षेप तथा छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला कर्मचारी ने बताया कि वह लगभग 03 साल से विद्यालय में पदस्थ हैं। उन्होंने शिकायत में उल्लेख किया है कि नियुक्ति के शुरुआती समय से ही उन्हें विभिन्न मामलों में टारगेट किया जाता रहा है। वेतन संबंधी कार्य में मार्गदर्शन न देने और बाद में त्रुटि को लेकर सार्वजनिक रूप से अपमानित करने तथा नौकरी से निकालने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि विद्यालय के आकस्मिक व्यय से संबंधित सामग्रियों के देयक कार्यालय में प्रस्तुत किए जाते हैं, लेकिन सामग्री कार्यालय को प्राप्त नहीं होती। स्टॉक रजिस्टर में इंद्राज के लिए दबाव बनाए जाने और मना करने पर मानसिक प्रताड़ना दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

सीपीयू चोरी प्रकरण भी उठा सवालों में दिनांक 11 जनवरी 2026 को विद्यालय कार्यालय से कम्प्यूटर सीपीयू गायब होने की घटना का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है। आरोप है कि मामले में पारदर्शिता नहीं बरती गई और अप्रत्यक्ष रूप से उन पर संदेह जताया गया। बाद में चौकीदार द्वारा सीपीयू वापस लाने की बात सामने आई, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार संबंधित के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार का आरोप महिला कर्मचारी ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित व्याख्याता द्वारा अभद्र दृष्टि, घूरना, हाथ छूने की कोशिश करना तथा अनावश्यक रूप से ग़लत तरीके से छूने का प्रयास करना,पास खड़े होने जैसी हरकतें की जाती रही हैं, जिससे वे अपमानित और असुरक्षित महसूस करती हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि पूर्व में भी महिला स्टाफ के साथ इसी प्रकार की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित व्याख्याता ने कथित रूप से कहा कि “या तो इस स्कूल में वो रहेगी या मैं रहूँगा।”
पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना घटती है तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित व्याख्याता की होगी।इस संबंध में विद्यालय प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।


