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Monday, March 2, 2026
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National : ‘हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर लगे रोक’, विहिप नेता साध्वी प्राची की सरकार से मांग

विश्व हिंदू परिषद (VHP) की नेता साध्वी प्राची ने हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया कि पवित्र स्थानों पर जिहादी गतिविधियां बढ़ रही हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ तत्व धार्मिक आयोजनों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं.

वर्ष 2027 में होने वाले अर्धकुंभ मेले से पहले हरिद्वार में नया विवाद खड़ा हो गया है. विश्व हिंदू परिषद (VHP) की नेता साध्वी प्राची ने हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने सुरक्षा कारणों और पवित्र शहर की गरिमा बनाए रखने का हवाला देते हुए राज्य सरकार से कड़े कदम उठाने का आग्रह किया है.

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि हरिद्वार के कुंभ मेला क्षेत्र और विशेष रूप से हर की पैड़ी को ‘अमृत क्षेत्र’ घोषित किया जाना चाहिए. उन्होंने मांग की कि इस क्षेत्र में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर सख्त पाबंदी होनी चाहिए.साध्वी प्राची ने मक्का और मदीना का उदाहरण देते हुए कहा, “जिस तरह मक्का और मदीना में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है, उसी तरह हरिद्वार में भी ऐसे ही नियम लागू होने चाहिए ताकि धार्मिक अनुष्ठान बिना किसी बाधा के संपन्न हो सकें.”

साध्वी प्राची ने आरोप लगाया कि पवित्र स्थानों पर जिहादी गतिविधियां बढ़ रही हैं. उन्होंने दावा किया कि कुछ तत्व धार्मिक आयोजनों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं. उन्होंने दिल्ली की कुछ महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि वे हाल ही में गलत इरादे से हरिद्वार आई थीं, ऐसी गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए.विहिप नेता ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ाते हुए पिछले साल दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार विस्फोट (जिसमें 15 लोगों की जान गई थी) का उदाहरण दिया. उन्होंने आशंका जताई कि अगर कुंभ जैसे बड़े आयोजन में अमोनियम नाइट्रेट जैसे घातक पदार्थों का इस्तेमाल गंगा के पानी में किया गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.

साध्वी प्राची ने केवल प्रवेश ही नहीं, बल्कि कुंभ क्षेत्र और नगर पालिका सीमा के भीतर गैर-हिंदुओं द्वारा संपत्ति खरीदने पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग की है. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अवैध मदरसों और मजारों के खिलाफ की गई कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि सरकार अर्धकुंभ से पहले इस क्षेत्र को सुरक्षित करने में सक्षम है.

बता दें कि हरिद्वार अर्धकुंभ मेला 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) से शुरू होकर महाशिवरात्रि तक चलेगा. उत्तराखंड सरकार इस 45 दिवसीय आयोजन में लगभग 6 से 7 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जता रही है. ऐसे में सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगी.

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