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Monday, March 2, 2026
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Tech : दमदार इंजन के साथ भारत में लॉन्च हुई Nissan Gravite, कई एडवांस फीचर्स से है लैस, जानें कीमत

निसान ग्रेवाइट असल में Renault Triber पर ही बेस्ड है, जी हां इसे ‘बैज इंजीनियरिंग’ कहा जाता है, जिसमें एक ही प्लेटफॉर्म पर दो अलग-अलग ब्रांड अपनी कारें मार्केट में उतारते हैं, जिस तरह से रेनो की काइगर Kiger और निसान की मैग्नाइट Magnite एक ही डीएनए शेयर करती हैं.

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Nissan की नई 7-सीटर MPV Nissan Gravite को लेकर भारत में आज इंतजार खत्म होने जा रहा है क्योंकि आज 17 फरवरी 2026 को इसे भारतीय बाजार में पेश किया जा रहा है. अगर आप सोच रहे हैं कि इस गाड़ी के पीछे Renault का क्या हाथ है, तो आपको बता दें कि ये सेवन सीटर दोनों कार कंपनियों के बीच पुराना रिश्ता है.

निसान ग्रेवाइट और रेनो के कनेक्शन

  1. Triber का निसान अवतार
    निसान ग्रेवाइट असल में Renault Triber पर ही बेस्ड है, जी हां इसे ‘बैज इंजीनियरिंग’ कहा जाता है, जिसमें एक ही प्लेटफॉर्म पर दो अलग-अलग ब्रांड अपनी कारें मार्केट में उतारते हैं, जिस तरह से रेनो की काइगर Kiger और निसान की मैग्नाइट Magnite एक ही डीएनए शेयर करती हैं ठीक उसी तरह से ही ग्रेवाइट और ट्राइबर के बीच भी एक बड़ा कनेक्शन है.
  2. CMF-A+ प्लेटफॉर्म
    ग्रेवाइट को रेनो -निसान एलायंस के CMF-A+ प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है. यह वही प्लेटफॉर्म है जो कम जगह में ज़्यादा सीटिंग (5+2 लेआउट) और बेहतर सुरक्षा देने के लिए जाना जाता है. यही कारण है कि ग्रेवाइट की लंबाई भी 4 मीटर से कम होगी, जिससे इसे टैक्स में फायदा मिलेगा और कीमत कम रहेगी.
  3. इंजन और पावरट्रेन
    ये बात तो हो गई सिर्फ प्लेटफॉर्म की लेकिन क्या आप जानते हैं कि ग्रेवाइट का इंजन भी वही है जो रेनो में दिया जाता है. इसमें 1.0-लीटर, 3-सिलेंडर पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है, जो 72hp की पावर और 96Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इसमें 5-स्पीड मैनुअल और AMT गियरबॉक्स के ऑप्शन भी ग्राहकों को देखने को मिल सकते हैं.
  4. एक ही छत के नीचे प्रोडक्शन
    रेनो और निसान का चेन्नई (ओरागडम) में एक शेयर्ड मैनूफैक्चरिंग प्लांट है. आपको बताया दें कि हाल-फिलहाल में हुए बदलावों के अनुसार ही, अब इस प्लांट की 100% ओनरशिप रेनो के पास है, लेकिन निसान अपनी ग्रेवाइट और मैग्नाइट जैसी कारों का प्रोडक्शन करने के लिए इसी प्लांट में रेनो की मदद से जारी रखेगी.
  5. निसान और रेनो कनेक्शन
    रेनो , निसान और मित्सुबिशी ने साल 1999 में पार्टनरशिप की थी, लेकिन 2023 से 2025 के बीच इसमें बड़े बदलाव किए गए ताकि दोनों कंपनियां (Renault और Nissan) एक-दूसरे के काम में बराबरी का हक रख सकें. इसके बाद अब दोनों कंपनियों ने एक-दूसरे में अपनी हिस्सेदारी 15% पर बराबर कर ली है. पहले किसी के पास कम तो किसी के पास ज्यादा शेयर थे, लेकिन अब ये पार्टनरशिप पूरी तरह ‘बराबरी’ की हो गई है. इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण ये है कि दोनों कंपनियां एक साथ आकर ज़्यादा तेज़ी से नई कारें और तकनीक को मिलाकर कारों को ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचा सकें. इससे ग्राहकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, साथ कारों की कीमत कम रखने में भी मदद मिलती है.
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