चयन पत्र केवल सरकारी नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन के पालन और राष्ट्र सेवा का संकल्प लेने का अवसर है – मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल
-:मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल-:
- पुलिस बल में नए शामिल होने वाले कर्मी भी ‘नागरिक देवो भवः’ के ध्येय को साकार करेंगे
- जब कोई व्यक्ति संकट में होता है, तब सहायता के लिए सबसे पहले पुलिस को याद करता है
- राज्य सरकार पुलिस मॉडर्नाइजेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है
* राज्यव्यापी सीसीटीवी नेटवर्क, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, बॉडी वॉर्न कैमरा, साइबर आश्वस्त – साइबर सेफ प्रोजेक्ट जैसे आयामों से पुलिस बल टेक्नॉलोजी संपन्न बना है
* जब कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर आए, तो उसके दुःख में सहभागी बनकर पूरे दिल से सहायक होना– उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी

-:उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी-:
- नवनियुक्तों को गुजरात पुलिस का अभिन्न अंग बनने के साथ वर्दी के स्वरूप में समाज की बुराइयों को समाप्त करने की शक्ति प्राप्त हुई है
- राज्य में पहली बार उम्मीदवारों से नियुक्ति के लिए जिले का चयन मांगा जाएगा, निकट से निकट पोस्टिंग मिल सके ऐसे प्रयास
* जनवरी महीने के अंत तक नई भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा आयोजित करने की तैयारियां
राज्य मंत्री श्री कमलेश पटेल की विशेष उपस्थिति
गांधीनगर, 23 दिसंबर : मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ने मंगलवार को राज्य पुलिस बल में नए चयनित युवा पुलिस कर्मियों को प्रेरित करते हुए कहा कि चयन पत्र केवल सरकारी नौकरी का अपॉइंटमेंट लेटर नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन के पालन और राष्ट्र सेवा का संकल्प लेने का अवसर है।
पुलिस बल की भर्तियों में उत्तीर्ण होकर लगभग 3,100 युवतियों सहित 11 हजार से अधिक युवा ‘टीम गुजरात’ में शामिल हुए हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी, राज्य मंत्री श्री कमलेशभाई पटेल, गांधीनगर की महापौर श्रीमती मीराबेन पटेल, विधायक श्रीमती रीटाबेन पटेल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में गांधीनगर में चयन पत्र प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने इन युवा एवं उत्साहवर्धक नवनियुक्त पुलिसकर्मियों को मानव सेवा के धर्म और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए सदैव कर्तव्यरत रहने की सीख दी।
इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि कानून लागू कराने वाले पुलिसकर्मी को कर्तव्य पालन में मानवाधिकारों का सम्मान, संवैधानिक मूल्यों का पालन और निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है।
जब कोई व्यक्ति संकट में होता है, तब सहायता के लिए सबसे पहले पुलिस को याद करता है, यह कहते हुए मुख्यमंत्री ने आचरण में विनम्रता, वाणी में मधुरता और कार्य में निष्ठा को पुलिस सेवा की प्राथमिकता बनाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दिए गए POLICE शब्द के विशेष अर्थ की विस्तृत व्याख्या की। उन्होंने कहा कि P यानी पोलाइट – जनता के प्रति हमेशा विनम्र और सह्रदयभाव के साथ काम करता हो,
O यानी ऑबिडिएंट जो हमेशा –अधिकारियों की आज्ञा में रहकर ड्यूटी निभाता हो, L यानी लोयल, भारत के संविधान, नियम-कानून के प्रति वफादार रहकर, उसका पालन करते हुए कार्य करता हो,
I यानी इंटेलिजेंट – सदैव सतर्क और बुद्धिचातुर्थ्य से कार्य करता हो,
C यानी करेजियस, किसी भी परिस्थिति में साहस न हारने वाला, हरेक फ्रंट पर वो लड़ने के लिए सज्ज हो, E यानी एन्थूजियास्टिक, उत्साही हो, जनता की सेवा एवं सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर हो, राष्ट्रहित सर्वोपरि का भाव ह्रदय में रखता हो।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिए पुलिस के इस मर्म को पुलिस बल में नए शामिल होने वाले कर्मी भी ‘नागरिक देवो भवः’ के ध्येय के साथ चरितार्थ करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री ने स्मार्ट पुलिसिंग की प्रधानमंत्री की सोच को साकार करने हेतु राज्य सरकार द्वारा पुलिस मॉडर्नाइजेशन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
उन्होंने जोड़ा कि राज्यव्यापी सीसीटीवी नेटवर्क, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, बॉडी वॉर्न कैमरा, साइबर आश्वस्त – साइबर सेफ प्रोजेक्ट जैसे उपायों से राज्य का पुलिस बल टेक्नॉलोजी से सशक्त हुआ है।
उन्होंने नवनियुक्त कर्मियों से कहा कि नए शामिल हो रहे युवा टेक्नोसेवी हैं, जिससे अधिक क्षमता निर्माण होगा और विकसित भारत 2047 में विकसित-सुरक्षित-समृद्ध गुजरात लीड लेगा।
नवनियुक्त 11,607 उम्मीदवारों को शुभकामनाएं देते हुए उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी ने कहा कि गुजरात पुलिस का अभिन्न अंग बनने के साथ वर्दी के रूप में आप सभी को समाज की बुराइयों को मिटाने की शक्ति मिली है। यह वर्दी हमें दिन-रात, सर्दी-गर्मी, त्यौहार या प्राकृतिक आपदा जैसी किसी भी कठिन परिस्थिति में जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए तत्पर रहने की शक्ति देती है।
उन्होंने कहा कि आप सभी नवनियुक्त उम्मीदवार नई ऊर्जा और नए जोश के साथ ऐसा कार्य करें, जिससे वर्दी की गरिमा और सम्मान निरंतर बढ़े।
जब भी कोई नागरिक अपनी समस्या लेकर आपके पास आए, तो उसके दुःख में सहभागी बनकर पूरे दिल से उसकी सहायता करने का प्रयास करें।
उप मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में पहली बार उम्मीदवारों से नियुक्ति के लिए जिले का चयन लिया जाएगा, ताकि उन्हें अपने मूल या निकटवर्ती जिले में नियुक्ति मिल सके। इसके अतिरिक्त; उन्होंने जोड़ा कि जनवरी महीने के अंत तक नई भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा आयोजित करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
गुजरात पुलिस परिवार का हिस्सा बने जवानों को प्रेरणा देते हुए राज्य मंत्री श्री कमलेश पटेल ने कहा कि वर्दी धारण करने के बाद भी एक सामान्य नागरिक की तरह हमेशा अपने गांव, शहर और मित्रों से जुड़े रहना। पद से जुड़े संबंध केवल पद रहने तक ही सीमित होते हैं, लेकिन स्नेह और भावनाओं के संबंध सेवानिवृत्ति के बाद भी अटूट बने रहते हैं।
आपके माता-पिता ने दिन-रात परिश्रम करके आपको इस मुकाम तक पहुँचाने का जो सपना देखा था, वह आज साकार हुआ है। उनके चरण स्पर्श कर अवश्य आशीर्वाद लेना।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एम. के. दास ने कहा कि भर्ती बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. नीरजा गोटरू और उनकी टीम ने बिना किसी शिकायत के समग्र भर्ती प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण की है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में पिछले एक महीने में विभिन्न विभागों में लगभग 40 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी गई हैं।
मुख्य सचिव श्री दास ने कहा कि जब नागरिक आपके पास आते हैं, तब आपकी जिम्मेदारी केवल कानून का पालन करवाने की ही नहीं, बल्कि न्याय और मानवता की रक्षा करने की भी होती है। पुलिस की वर्दी केवल सत्ता का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह जन विश्वास, ईमानदारी और अनुशासन का प्रतीक है तथा नागरिकों के मन में सुरक्षा का छाप स्थापित करता है। उन्होंने जोड़ा कि कानून की रक्षा के लिए कठोर होना आवश्यक है, लेकिन उसके साथ-साथ मानवता और संवेदनशीलता भी उतनी ही आवश्यक है। इस प्रकार समाज की शांति और सुरक्षा के लिए आपका योगदान अमूल्य है।
गुजरात पुलिस के महानिदेशक श्री विकास सहाय ने पुलिस बल की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से पूर्ण करने के लिए गुजरात पुलिस भर्ती बोर्ड की अध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि जब हम ‘विकसित भारत – विकसित गुजरात’ के संकल्प की परिकल्पना करते हैं, तो वह तभी संभव हो सकती है जब नागरिकों को सुरक्षा और संरक्षा की अनुभूति हो। नागरिकों में सुरक्षा और संरक्षा की भावना को सुदृढ़ करने के लिए गुजरात पुलिस वर्षों से प्रशंसनीय कार्य कर रही है। इसी कार्य के परिणामस्वरूप गुजरात मॉडल की चर्चा न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी हो रही है।
गुजरात पुलिस भर्ती बोर्ड की अध्यक्ष डॉ नीरजा गोटरू ने गुजरात पुलिस में चयनित नए उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया में राज्यभर से 10 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने शारीरिक परीक्षा में भाग लिया था। शारीरिक परीक्षा पूर्ण होने के बाद 2.45 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने लिखित परीक्षा दी, जिनमें से 32 हजार से अधिक उम्मीदवारों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया गया। इसके बाद प्रोविजनल सूची तैयार कर लोक रक्षक कैडर में कुल 11,899 उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया की गई, जिनमें से 8,782 पुरुष और 3,117 महिला उम्मीदवारों का चयन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया बायोमेट्रिक सहित विभिन्न टेक्नॉलोजी के उपयोग से पारदर्शी रूप से आयोजित की गई।


