राजनांदगांव । राजनांदगांव पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने एक पत्र के माध्यम से जिले के कलेक्टर से यह मांग की है कि, निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड क्रमांक ०१ से लेकर वार्ड क्रमांक ५१ तक सीमा क्षेत्र में जिस तरह से निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा और महापौर मधुसूदन यादव के खुले संरक्षण के चलते जिस तरह से अवैध प्लांटिंग करने वाले भू-माफियाओं और भूमि स्वामियों के जो हौसले दिनों-दिन बढ़ रहे है ? और शासन को आर्थिक वित्तीय हानि का खेल निगम के अधिकारियों एवं भवन विभाग के प्रभारी अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत से जो अवैध प्लांटिग करने वाले भू-माफियाओं और भूमि स्वामियों के द्वारा अवैध प्लांटिंग कर शहर के मास्टर प्लान सन् २०३१ का जो लागू है उसके विपरित जो खेल, खेला जा रहा है जिसका समाचार पत्रों में चाहे कलेक्टर बंगले के पीछे कौरिन भाटा रोड़, राम दरबार के बाजू, लखोली वार्ड, बजरंगपुर नवागांव, मोतीपुर महापौर के गृह वार्ड में जिस तरह से सैकड़ो एकड़ भूमि में अवैध प्लांटिंग कर जनता को गुमराह करते हुए जिला पंजीयक कार्यालय में उन कृषि जमीनों आदि की बिना डायवर्सन के रजिसट्रीयां हो रही है ?

उसका जिले केे कलेक्टर महोदय से अनुरोध है कि जिला पंजीयक कार्यालय से अवैध प्लांटिंग के खसरा नंबरो की रजिस्ट्रीयों की जानकारी मंगवाये और निगम आयुक्त और भवन विभाग के प्रभारी, अधिकारी के हस्ताक्षर से जो अवैध प्लांटिंग की शासन के जिन नियम शर्तों के तहत छ.ग. नगर पालिक निगम अधिनियम – १९५६ की धारा २९२ ग (२) अपराध की श्रेणी में आने का जो नोटिस (सूचना पत्र) भवन विभाग के द्वारा जारी करके उक्त अवैध प्लांटिंग करने वाले भूमि स्वामियों एवं भू-माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय जो मामले लेन-देन करके दबाने का जो खेल नगर निगम राजनांदगांव में हो रहा है उस पर तत्काल अंकुश लगाते हुए जितनी नोटिसे पूर्व महापौर हेमा देशमुख के कार्यकाल से लेकर वर्तमान महापौर मधुसूदन यादव के कार्यकाल में भवन विभाग के द्वारा जो कार्यालयीन डाक पंजी में चढ़ाकर नोटिसे जारी की गई है उसकी यदि सूक्ष्म जांच ई.डी. के अफसरों से यदि करवाएंगें तो यह घोटाला भी सैकड़ो, करोड़ो से कम का नही होगा ? और समाचार पत्रों में आये-दिन अवैध प्लांटिंग का समाचार प्रकाशित हो रहा है उसके बावजूद शासन के जवाबदार किसी भी अधिकारी-निगम आयुक्त/महापौर मधुसूदन यादव के द्वारा कार्यवाही नही करना ? भ्रष्टाचारियों और माफियाओं से साठ-गाठ को स्वमेव प्रमाणित करता है ? और यदि साठ-गाठ नही है तो सबसे पहले मोतीपुर, नवागांव, ढाबा रोड और राम दरबार के बाजू, लखोली रोड, कौरिनभाटा आदि वार्ड में जो अवैध प्लांटिंग हुई है उस पर कार्यवाही करते हुए शासन के नियमानुसार संपूर्ण राशि वसूल की जाये और दोषियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करवाते हुए संपूर्ण अवैध प्लांटिग के खसरों पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी होना चाहिए जब कही जाकर के अवैध प्लांटिंग रूकेगी ? अन्यथा शहर की भौगोलिक व्यवस्था पूरी तरह चरमराने से जिला प्रशासन भी नही रोक पायेगा ?
Reporter : हेमंत वर्मा संवाददाता


