कहते हैं जो नाम ही बनिया रहता है उसकी चड्डी तक बिकती है यानी कि जो प्रसिद्ध व्यक्ति रहता है उसका कचरा आइटम भी लोग हाथों हाथ लेते हैं कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है
पंडित धीरेंद्र शास्त्री जिन्हें बागेश्वर धाम सरकार के नाम से जाना जाता है मध्य प्रदेश के छतरपुर के गढ़वा गांव के एक गरीब ब्राह्मण परिवार से आते हैं जिनका जन्म 4 जुलाई 1996 को हुआ था बताया जाता है कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री बचपन से आध्यात्मिक प्रवृत्ति के रहे हैं हनुमान जी की प्रेरणा से बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर बने जहां वे दिव्य दरबार लगाते हैं और कथा वाचन करते हैं जिससे उन्हें पूरे देश में प्रसिद्धि मिली हालांकि उन पर अंधविश्वास फैलाने और जादू टोना को बढ़ावा देने के आरोप भी समय-समय पर लगते रहते हैं यह वह दौर था जब धीरेंद्र शास्त्री दिव्य दरबार लगाते थे तो कुछ खोजी मीडिया हाउस वहां पर जाते थे और सीधा प्रसारण करते थे यही कारण है कि धीरे-धीरे वह मीडिया की सुर्खियों में आने लगे अब वह कंट्रोवर्सी में घिरने लग गए हैं पंडित धीरेन शास्त्री दरअसल धीरेंद्र शास्त्री ने भिलाई की जयंती स्टेडियम में चल रहे अपने हनुमंत कथा के दौरान पत्रकारों को लेकर बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है दरअसल भूपेश बघेल की मौजूदगी को लेकर कुछ पत्रकार उनसे सवाल पूछना चाह रहे थे तब उन्होंने खीज में कहा कि जिसकी खुजली है वह पत्रकार सवाल पूछे अब किसकी खुजली क्या खुजली यह तो भविष्य के गर्त में है लेकिन यह खुजली ऐसा शब्द है जो राह चलते सड़क छाप व्यक्ति किसी को उकसाने के लिए करते हैं सवाल यह है कि आखिर पंडित धीरेंद्र शास्त्री को पत्रकारों से इतनी जल्दी चिढ़ क्यों हो गई है .

दरअसल कल तक बिल्कुल बेगाना से रहने वाला धीरेंद्र शास्त्री मीडिया की बदौलत ही आज देश विदेश में सुर्खियों को प्राप्त कर रहा है हमारे देश में परंपरा है मीडिया मेहरबान तब गधा भी पहलवान देश में ऐसे कितने साधु संत या कितने पर्ची वाले बाबा है जो मीडिया पहुंच के अभाव के कारण पंडित धीरेंद्र शास्त्री की तरह हाईलाइट नहीं हो पा रहा है राजनांदगांव जिले के छुरिया ब्लॉक या कुछ ब्लाकों में भी ऐसी कई साधु संत है जो पर्ची निकाल कर भुत भविष्य वर्तमान बता देते हैं दरअसल हमारे देश में ज्योतिष शास्त्र ऐसा चीज है जिसका कुछ अध्ययन करने से व्यक्ति के जीवन में कुछ होनी अनहोनी को कुछ बातें कोई भी व्यक्ति बता सकता है यहां तो चलते चलते भटरी भी आपके बारे में सब कुछ बता देते हैं तो आपको लगता है कि बिल्कुल सत्य बोल रहा है फिर यह तो बड़ा व्यक्ति है जिनके बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ आईएएस अधिकारी तक चरणों में गिरते हैं अब देखिए इस बाबा जी को लाने के लिए बाकायदा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया गया है सतना से सरकारी हेलीकॉप्टर को सिर्फ उनको लाने के लिए ही गया था और उसमें क्योंकि धीरेंद्र शास्त्री उस हेलीकॉप्टर के पात्र नहीं थे इसलिए छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री ने अपने नाम से रिजर्व कराया था धीरेंद्र शास्त्री जैसे ही हेलीकॉप्टर से उतरे एक टीआई टोपी और जूता निकाल कर चरण स्पर्श कर दिया उसे सस्पेंड कर दिया गया तीसरा ब्लास्ट तो तब हुआ जब भूपेश बघेल के द्वारा अंधविश्वास फैलाए जाने की बात की तब उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल प्रदेश छोड़कर चले जाए एक तरह से यह राजनीतिक पार्टी की भाषा है दूसरी ओर उन्होंने पत्रकारों के उपर इतनी घिणित एवं आपत्तिजनक टिप्पणी की है जिसकी जितनी निंदा किया जाए उतनी ही कम है उन्होंने कहा कि जिस पत्रकार की खुजली है वह सवाल पूछ सकता है सवाल यह है कि पत्रकारों को खुजली नहीं रहती वह जनता के प्रतिनिधित्व करते हैं जनता की बात को जनता तक पहुंचाते हैं वह एक माध्यम होता है वह माध्यम खुजली किसी भी दृष्टिकोण से नहीं हो सकता है हेमंत वर्मा की कलम से.


