सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की तैयारियों की महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए शुक्रवार को राज्य के केबिनेट मंत्री श्री जीतूभाई वाघाणी ने कहा कि श्री सोमनाथ मंदिर के साथ देश के लाखों नागरिकों की शिव भक्ति तथा आस्था अखंड रूप से जुड़े हुए हैं।

श्री वाघाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी संस्कृति एवं अध्यात्म को आधार बनाकर देश को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में देश व राज्य के आस्था केन्द्रों की महत्ता नई पीढ़ी तक पहुँचाई जा सकी है। सोमनाथ में तीन दिनों के लिए मनाया जा रहा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व लोगों के हृदय में बसी आस्था का प्रतिबिंब है।
उन्होंने जोड़ा कि सोमनाथ मंदिर में 72 घण्टों का अखंड ओमकार जाप का विचार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने दिया है। विश्व के कल्याण तथा मानव जाति के मंगल के लिए ऋषिकुमारों द्वारा निरंतर 72 घण्टे ओमकार जाप किया जा रहा है। यह पवित्र अवसर शिव भक्ति तथा आध्यात्मिक शक्ति का अनूठा संगम बना है।
उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ महादेव का जीर्णोद्धार करवा कर राष्ट्र की आस्था तथा स्वाभिमान को पुनर्स्थापित किया था। भारतीय संस्कृति को बनाए रखने के लिए अनेक महान आत्माओं ने बलिदान दिए हैं। उनके स्मरण एवं सम्मान के रूप में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 10 जनवरी शनिवार को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सोमनाथ की पवित्र भूमि पर पधारने वाले हैं। उनकी उपस्थिति में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व ऐतिहासिक बनेगा। प्रधानमंत्री के अभिवादन के लिए 108 घोड़ों की शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया है तथा भव्य ड्रोन शो द्वारा इस उत्सव को विशेष आकर्षक बनाया जाएगा।
केबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्यभर से लाखों भक्त सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सहभागी होने के लिए सोमनाथ आ रहे हैं। राज्य के साधु-संतों द्वारा शुक्रवार को सोमनाथ में भव्य रेवाडी निकाली गई। राज्य सरकार द्वारा किए गए सुव्यवस्थित आयोजन, भव्य रोशनी तथा सुसज्ज व्यवस्थाओं से सोमनाथ की दिव्यता चारों ओर फैल रही है।
उन्होंने सभी समाज के नागरिकों को सनातन धर्म के इस ऐतिहासिक पर्व में सहभागी होने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के साथ मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल तथा उप मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहेंगे।
श्री वाघाणी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी राजकोट में आयोजित होने वाली वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) में भी सहभागी होने वाले हैं, जो सौराष्ट्र सहित राज्य के विकास एवं निवेश के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।


