राजनांदगांव छत्तीसगढ़ आईंरा इंटरनेशनल रिपोर्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत वर्मा ने छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी परियोजना गोधाम योजना में वर्तमान में मिली प्रशासकीय स्वीकृति पर नाराज़गी जताई हैरानी जताई है श्री हेमंत वर्मा ने कहा कि पूर्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा यह प्रचारित किया गया कि इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोवंश की रक्षा के लिए को गौधाम निर्माण किए जाएंगे साथ ही जो गैर पंजीकृत संगठन या समूह है उनको प्राथमिकता दिया जाएगा लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए वर्तमान में राजनांदगांव जिले से तीन गोधाम को स्वीकृति स्वीकृति मिली है जिसमें बंजारी डोगरगढ़ छुरिया को लिया गया है तीनों ही गोधाम शासन के प्राथमिकता वाले दायरे में नहीं आते मसलन यह नेशनल हाईवे में संचालित गोधाम नहीं है

दूसरी तरफ यह ऑलरेडी पंजीकृत गौशाला है जहां गोधाम का संचालन पहले से किया जा रहा है हेमंत वर्मा ने इस योजना पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि क्या अधिकारियों ने जानबूझकर गलती किया है की शासन की गाइडलाइन की अनदेखी करते हुए ऑलरेडी संचारित कर हो रही गौशाला को समिति को प्रसासकीय स्वीकृति दिया गया है हेमंत वर्मा ने इस प्रसाकीय स्वीकृति की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग किया है एवं दोषी अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग किया है गौरतलब है कि नैशनल हाइवे पर इंदामारा के पास एक घटना में एक टेलर द्वारा बहुत सारे गोवंश को चपेट में लिया गया था स उस पर स्वत संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को जमकर कड़ी खोटी सुनाई थी तब दूसरे दिन ही प्रदेश की विष्णु देव सरकार ने गोधान योजना लॉन्च किया था लेकिन यह योजना अब अपने उद्देश्य से भटक गई है ऑलरेडी गौशाला समिति को संचालन कर दिया गया है जबकि इसमें अपंजीकृत समूह को प्राथमिकता देना था


