कच्छ के बन्नी का रत्न छारी-ढंढ को आधिकारिक रूप से ‘रामसर साइट’ घोषित किया गया है। छारी-ढंढ को मिले इस वैश्विक ‘रामसर साइट’ के दर्जे का प्रशस्ति पत्र शुक्रवार को गांधीनगर में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल को वन और पर्यावरण मंत्री श्री अर्जुन मोढवाडिया ने वन विभाग की ओर से अर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने गुजरात की इस उपलब्धि के लिए मंत्री सहित वन विभाग की पूरी टीम को बधाई दी।
उल्लेखनीय है कि छारी-ढंढ गुजरात का पांचवां और कच्छ का पहला अंतरराष्ट्रीय महत्वपूर्ण वेटलैंड बना है। गुजरात राज्य के लिए गर्व की बात है कि कच्छ जिले में स्थित ‘छारी ढंढ पक्षी अभयारण्य’ को अंतरराष्ट्रीय महत्व वाले रामसर वेटलैंड्स की सूची में हाल ही में शामिल किया गया है। इसके साथ ही गुजरात में रामसर साइट्स की संख्या अब बढ़कर पांच हो गई है।


