बिना शिकायत के कोमल जंघेल को देह शोषण मे फ़ंसाने की योजना विफल
सच्चाई छुप नहीं सकती
बनावट के उसुलो से
खुशबू आ नहीं सकती
कागज के फुलों से
खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के भाजपा के दो बार के विधायक पूर्व संसदीय सचिव के नाम पर मिडिया जगत ने एक लोकप्रिय नेता को किसी अज्ञात महिला के देह शोषण का आरोप लगा कर दिनरात समाचार चला कर उनके राजनितिक कॅरियर को धूमिल करने का प्रयास किया ज्ञात हो कोमल जंघेल खैरागढ़ विधानसभा के एक मात्र नेता है जिसने कांग्रेस के अभेदगढ़ को तोड़ा राजमहल की राजनीति को जमीन मे खड़ा कर 2 बार विधायक बना जो डॉ रमन सिंह जी के अत्यंत करीबी व उनके मुख्यमंत्री के संसदीय सचिव रहते डॉ रमन सिंह जी के कार्यो को संपादित करने मे काफ़ी योगदान रहा क्षेत्र मे भी उनके लोकप्रियता का तुलना किसी से नही किया जा सकता 5 बार भाजपा से चुनाव लड़ा 2 बार जीते और दो बार एक बार बाइस सौ वोट और 2018 मे मात्र 8 सौ वोट से हारें उप चुनाव 2022 मे जिला निर्माण की घोषणा ने पराजित किया ऐसे शख्सियत को कुछ लोगो उनके राजनितिक छबि व उनके कद को खत्म करने भाजपा संगठन मे बदनाम करने जनता के नजर से गिराने उनके ऊपर आरोप लगा खैरागढ़ की राजनीति मे भूचाल पैदा किया लेकिन छुईखदान थाने मे देह शोषण का कोई रिपोट दर्ज ही नही हुआ था और समाचार पत्र एवं सोशल मिडिया से लगातार कोमल जंघेल के इज्जत पर कीचड उछालते रहे लेकिन दुर्भाग्य है की पुलिस प्रशासन ने किसी भी प्रकार का खंडन नही किया 4 दिन लगातार छुईखदान थाने मे रिपोट दर्ज होने का समाचार चलते रहा थाने भी कोमल जंघेल के इज्जत उछलते देखते रहा भाजपा संगठन ने भी थाने जाकर FIR की व अज्ञात महिला की जानकारी नही ली सभी ने जंघेल के बदनामी पर चुप्पी साधे रहे यह बदनामी सिर्फ कोमल जंघेल का नही था यह पार्टी का संगठन का भी बदनामी हो रही थी लेकिन नेताओं को लगा की यह कोमल जंघेल की बदनामी सोच घर मे चुप देखते रहे कोमल जंघेल लोधी समाज का एक बडा चेहरा परंतु एक भी समाज के पदाधिकारी या कार्यकर्ता थाने मे जाकर वास्तविकता नही जानने का प्रयास किया वर्तमान मे कोमल जघेल का पकड़ गाँव गाँव मे हर वर्ग मे है एक जमीनी किसान नेता है जो बूथ के कार्यकर्ता से लेकर आज भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारणी मे पदस्थ है जिसने 1986 से लगातार पार्टी के काम कर रहा आज इस विधानसभा मे जननायक के रूप मे देखा जाता उनके चरित्र पर हनन की कोशिश दुर्भाग्य जनक है कोमल जंघेल बेहद व्यवहार कुशल, सरल मिलनसार, ठेठ किसान हर वक़्त दुख सुःख मे खडे रहता है आज उनके ऊपर इतना बड़ा कष्ट का पहाड़ टुटा पर किसी नेता के मुँह से एक शब्द नही निकला घटना की जानकारी लेना भी उचित नही समझा कल किसान अधिकार संघर्ष समिति के बयान से पता की किसी महिला पदाधिकारी का नाम इस FIR कराने की चर्चा थी जिसको समिति ने खंडन कर यह सन्देश दिया है की खैरागढ़ के पूर्व विधायक कोमल जंघेल पर आरोप असत्य है झूठा आरोप लगा कर उनके राजनितिक व सामाजिक छबि को धूमिल करने की कोशिश किया गया था आखिर झुठी खबर मिडिया में एवं शोसल साइट पर किसने चलाया यह जांच का विषय है आने वाले समय मे यह किसी नेता के साथ न घटे इसलिए इस घटना की विशेष जांच किया जाना चाहिए.

Reporter : हेमंत वर्मा विशेष संवाददाता राजनांदगांव


