होलिका दहन धर्म की विजय और अधर्म के नाश का प्रतीक है इसलिए इसे शास्त्रसम्मत शुभ समय में करना आवश्यक माना गया है, ताकि धार्मिक ऊर्जा और सकारात्मक फल प्राप्त हों. यही वजह है कि होलिका दहन में भद्रा काल मुहूर्त जरुर देखा जाता है.

पुराणों में भद्रा में होलिका दहन करना अर्थात बुरे परिणाम को न्योता देने के समान है. होलिका दहन का मुहूर्त शहर अनुसार अलग-अलग होता है. जानें आपके शहर में होलिका दहन किस मुहूर्त में किया जाएगा.
क्यों 2 मार्च को होलिका दहन करना शुभ
होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा पर प्रदोष काल में करने का महत्व है. इस साल फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5.55 पर शुरू होगी और अगले दिन 3 मार्च को 5.07 पर समाप्त होगी.
अब चूंकि 3 मार्च को चंद्र ग्रहण शाम 6.20 तक रहेगा. इस दिन पूर्णिमा तिथि 5.07 पर ही समाप्त हो जाएगी. ऐसे में होलिका दहन के लिए 2 मार्च सबसे श्रेष्ठ दिन माना जा रहा है.
आपके शहर में होलिका दहन 2026 मुहूर्त
- दिल्ली – शाम 6.20 – रात 8.50
- भोपाल – शाम 6.24 – रात 8.51
- लखनऊ – शाम 06.08 – रात 8.36
- पटना – शाम 5.52 – रात 8.20
- मुंबई – शाम 6.44 – रात 9.11
- चंडीगढ़ – शाम 6.23 – रात 8.51
- शिमला – शाम 6.21 – रात 8.50
- जयपुर – शाम 6.29 – रात 8.57
- वाराणसी – शाम 06.01 – रात 8.28
- रायपुर – शाम 06.08 – रात 8.35
- बेंगलुरू – शाम 6.29 – रात 8.54
- चेन्नई – शाम 6.18 – रात 8.43
- हैदराबाद – शाम 6.23 – रात 8.49
- ईटानगर – शाम 5.17 – रात 7.45
- कोलकाता – शाम 5.41 – रात 8.08
- भुवनेश्वर – शाम 5.52 – रात 8.19
- नागपुर – शाम 6.19 – रात 8.45
- अहमदाबाद – शाम 6.43 – रात 9.11
- रांची – शाम 5.53 – रात 8.20
भद्रा में होलिका दहन करने से क्या होता है
भद्रायां दहनं कार्यं न कदाचन बुद्धिमान्।
भद्राकाले कृतं कर्म विपरीतफलं लभेत्॥
भावार्थ- भद्रा काल में किया गया दहन शुभ फल नहीं देता, बल्कि विपरीत परिणाम दे सकता है. इसी कारण होलिका दहन सदैव भद्रा समाप्त होने के बाद ही किया जाता है.


