E-Paper
Monday, March 2, 2026
E-Paper
HomeHindi NewsNational : साधु वेश में ग़लत काम करने वालो को अब सरकार...

National : साधु वेश में ग़लत काम करने वालो को अब सरकार सबक शिखायें : हार्दिक हुंडिया

विश्व में उच्च कोटि के उच्च जैन धर्म में एक मुमुक्षु आत्मा दीक्षा लेने के बाद ब्रह्मचर्य व्रत भंग के किस्से बहुत सामने आ रहे है। सामान्य त: जैन साधु को देखते ही लोग वंदन करने लग जाते है। लेकिन उंगली पर गिने जाये ऐसे कुछ साधु महिलाओं के साथ रंगरेलियां करते पकड़े जाते हैं, गुजरात के इडर में दो साधु पकड़े गए थे, ये साधु जेल में भी जा के आए , बड़े दुःख की बात है वो आज भी साधु वेश में बैठे है। इन साधु के साथ रंगरेलियाँ करने वाली महिला को सागर चंद्र सागर नामक एक कुसाधु १०लाख की ऑफर करता है और कहता है की ये केस रफ़ा दफ़ा कर दो । पहली बात तो सागर चंद्र सागर १० लाख लाया कहां से ? ये सागर चंद्र सागर किसी लड़की के साथ नहीं जैन साध्वीजी के साथ भिबित्स अवस्था में चेट करते फोटो बाहर आ गए है। हार्दिक हुंडिया ने कहा एक और साधु की वीडियो एक लेडी के साथ चैट करती बाहर आई है। यह साधु भी सागर समुदाय से है ।

हार्दिक हुंडिया ने देश के तमाम संघों से दो हाथ जोड़ के बिनंती की है कि कोई भी साधु के चातुर्मास करने पहले मेरी यह बात ध्यान में लें । एक बुजुर्ग और एक युवा साधु ये दो साधु हो तो चातुर्मास ना करायें । युवा साधु बुजुर्ग साधु की आड़ में ग़लत काम करते है। गोचरी के नाम पर युवा अकेला साधु जाता है तो सामने अकेली महिला रहती है तो परिणाम सही नहीं है। कई साधु बड़ी संख्या में मूर्तिया उपाश्रय में विधि विधान के नाम रखते है , जब की मंदिर उपाश्रय के पास होने के बावजूद भी उपाश्रय में क्यों ? चर्चा तो ये भी है कि ये मूर्ति का व्यापार भी करते है जिस में भगवान , देव देवी की भी मूर्ति होती है और ये कहकर व्यापार किया जाता है की ये मंत्रोच्चार वाली मूर्तिया है। हार्दिक हुंडिया का उन साधुओ से सवाल है की मूर्ति के नाम पर व्यापार क्यों ? हार्दिक हुंडिया ने देश की सरकार से और गुजरात , महाराष्ट्र , राजस्थान और मध्य प्रदेश की सरकार से खास बीनतीं है की आप जो भी जैन साधु के प्रोग्राम में या दर्शन करने जाते हो तो पहले तो ये भी देखो की दीक्षा लेने के बाद साधु वेश में दीक्षा के कितने नियम पालते है ? जैन शास्त्रों में दीक्षा लेने के बाद माइक का भी उपयोग की मनाई है । जैन साधु को गाड़ी में बैठना भी मना है , शाम को सूर्यास्त होने के बाद अन्न जल का भी त्याग रहता है , फिर सुबह सूर्योदय होने के ४८ मिनीट बाद अन्न जल ले सकते है। बहुत ही कठिन है साधु जीवन । लेकिन कुछ शिथिलाचारी साधु के कारन सभी साधु को तकलीफ़ होती है । हार्दिक हुंडिया ने कहा कि संघ २५ वा तीर्थंकर है तो शिथिलाचार करने वाले साधुवेश में कैसे है ? नहीं होने चाहिये। पंच महाव्रत के भंग के अलावा और क्या ग़लत काम हो सकता है ? ऐसे ग़लत काम करने वाले कल कोई और भी ग़लत काम कर सकते है। जैन श्रेष्ठी हार्दिक हुंडिया ने सरकार से दो हाथ जोड़ के बिंनती करते हुवे कहा है की इन साधुओ के पास आधार कार्ड होता नहीं है तो कल साधु वेश में जो पंच महाव्रत का भंग कर सकता है वो कुछ भी कांड कर सकता है ? सरकार ऐसे जैन साधु के ख़िलाफ़ कड़क से कड़क कार्यवाही करे और साधु वेश के साथ जो न्याय ना दे सके उनको वापस साधु वेश के कपड़े उतार के संसार में भेज दिया जाये।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments