राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की बिगड़ती चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर शनिवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ब्यावर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंचकर पीएमओ डॉ. सुरेन्द्र सिंह चौहान का घेराव किया और चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अस्पताल की अव्यवस्थित चिकित्सा व्यवस्था के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में ऐतिहासिक बादशाह मेले के दौरान पुण्यात्मा चन्द्रप्रकाश अग्रवाल (बादशाह) के आकस्मिक निधन की घटना ने अस्पताल की कमजोर व्यवस्थाओं को उजागर कर दिया है। इस घटना के बाद कांग्रेस ने अस्पताल की व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण कर स्थानीय चिकित्सकों, मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया।
कांग्रेस द्वारा तैयार विस्तृत ज्ञापन चिकित्सा मंत्री, राजस्थान सरकार को भेजा गया है, जिसकी प्रतियां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) और अमृतकौर चिकित्सालय के पीएमओ को भी प्रेषित की गई हैं।
कई जिलों के मरीजों का प्रमुख केंद्र, फिर भी संसाधनों की भारी कमी
ज्ञापन में बताया गया कि ब्यावर का राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय न केवल शहर बल्कि अजमेर, पाली, राजसमंद, नागौर और भीलवाड़ा सहित आसपास के जिलों के लाखों लोगों के लिए प्रमुख चिकित्सा केंद्र है। प्रतिदिन हजारों मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन अस्पताल में कई गंभीर कमियां सामने आई हैं।
कांग्रेस के अनुसार ट्रोमा सेंटर में सर्जन, ऑर्थोपेडिक और एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की नियमित उपस्थिति नहीं रहती, जिससे आपातकालीन उपचार प्रभावित होता है। अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की कमी के कारण कई ऑपरेशन मरीजों को निजी अस्पतालों में कराने पड़ते हैं। रेडियोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति से जांच रिपोर्ट में देरी होती है, जबकि एमआरआई मशीन अस्पताल में उपलब्ध ही नहीं है और पुरानी सीटी स्कैन मशीन भी बार-बार खराब हो जाती है।
इसके अलावा गायनोलॉजिस्ट, मेडिसिन विशेषज्ञ और पेडियाट्रिशियन की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों के इलाज में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। ट्रोमा, आईसीयू और लेबर रूम में 24 घंटे पर्याप्त स्टाफ और उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। वहीं न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभागों की अनुपस्थिति के कारण गंभीर मरीजों को जयपुर रेफर करना पड़ता है।
कांग्रेस की 9 प्रमुख मांगें
कांग्रेस ने ज्ञापन में ट्रोमा सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति, चार एनेस्थीसिया विशेषज्ञों की भर्ती, रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति, नई एमआरआई मशीन और आधुनिक सीटी स्कैन की स्थापना, गायनोलॉजिस्ट और शिशु रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने, मेडिसिन विशेषज्ञों की नियुक्ति, ट्रोमा-आईसीयू-लेबर रूम की 24 घंटे सुसज्जित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा ब्यावर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज को शीघ्र शुरू करने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मेडिकल कॉलेज शुरू होने से न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विभाग स्थापित हो सकेंगे और आसपास के जिलों के मरीजों को बेहतर उपचार स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।
सीएमएचओ की अनुपस्थिति पर जताई नाराज़गी
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि घेराव कार्यक्रम की जानकारी पहले ही सीएमएचओ डॉ. संजय गहलोत को दे दी गई थी और उन्होंने उपस्थित रहने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन कार्यक्रम के समय वे अस्पताल नहीं पहुंचे। इस पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने कहा कि यह जनता के प्रति घोर असम्मान है। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन की यह लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
15 दिन में सुधार नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो जिला मुख्यालय पर धरना, जनआंदोलन और अन्य बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस दौरान कपासन प्रभारी आशीषपाल पदावत, पूर्व विधायक माणक डाणी, पूर्व सभापति शांति डाबला, गोविंद पंडित, सतीश जाग्रत, पूर्व नेता प्रतिपक्ष दलपत राज मेवाड़ा, पूर्व पार्षद घनश्याम फुलवारी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


