यूपी के प्रयागराज में करछना के पचदेवरा ग्राम सभा स्थित ओवरब्रिज के नीचे रेलवे लाइन पर पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे के शिकार लोग नेताजी एक्सप्रेस से सफर कर रहे थे। ट्रैक पर पड़े शव के कारण ट्रेन रोकी गई तो वे उसे देखने नीचे उतरे थे.
विपरीत दिशा से आ रही पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से हादसा हो गया। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने घटना के क्रमवार ब्योरे की पुष्टि की है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, शाम करीब 6:15 बजे गाड़ी संख्या 12312 नेताजी एक्सप्रेस के लोको पायलट और गार्ड ने कंट्रोल रूम को सूचित किया कि डाउन मेन लाइन पर किमी संख्या 801/24-22 के पास एक व्यक्ति पड़ा हुआ है।
पायलट को पटरी पर लाश होने की आशंका हुई। उसने ट्रेन को तत्काल रोक दिया। जांच की गई तो वहां एक व्यक्ति का शव मिला। इसी दौरान शाम करीब 6:47 बजे अप दिशा से गाड़ी संख्या 12801 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस घटनास्थल से गुजरी और हादसा हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे ने विधिक और प्रशासनिक जांच तेज कर दी है। वहीं, यह भी चर्चा रही कि एक व्यक्ति के ट्रेन से गिरने की सूचना पर किसी ने चेन पुलिंग की थी। तभी कुछ यात्री नीचे उतरे थे।

जिले के पचदेवरा में बुधवार को हुए हादसे ने चुनार रेल हादसे को दोबारा जिंदा कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में एक बार फिर नेताजी एक्सप्रेस ही है, जो इस बार भी मौत के मंजर की मूक गवाह बनी है। बीते साल पांच नवंबर 2025 को चुनार रेलवे स्टेशन पर दिखे मंजर की बुधवार को पचदेवरा की पटरियों पर पुनरावृत्ति हुई है। चुनार के हादसे में नेताजी एक्सप्रेस खुद काल बनकर आई थी और पटरी पार कर रहे छह यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया था।
रेलवे प्रशासन की ओर से आवश्यक विधिक व प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है। यह एक अत्यंत दुखद घटना है। हम यात्रियों और आमजन से बार-बार अपील करते हैं कि ट्रेन के रुकने की स्थिति में अनावश्यक रूप से ट्रैक पर न उतरें। रेलवे ट्रैक असुरक्षित क्षेत्र है। वहां जाना जानलेवा हो सकता है। कृपया सुरक्षा नियमों का पालन करें। शशिकांत त्रिपाठी, सीपीआरओ, एनसीआर।
प्रयागराज में पांच यात्रियों की दर्दनाक मौत के बाद दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह ठप हो गया। सीनियर डीएससी विजय प्रकाश पंडित ने टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
दुर्घटना का सबसे ज्यादा असर डाउन लाइन की ट्रेनों के संचालन पर पड़ा। पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) की ओर से आने वाली महाबोधि एक्सप्रेस और ब्रह्मपुत्र मेल बहुत देर तक बीच रास्ते खड़ी रहीं। दिल्ली से आ रही महानंदा एक्सप्रेस का संचालन भी प्रभावित हुआ। डाउन लाइन बाधित होने के चलते नेताजी एक्सप्रेस भी काफी देर ट्रैक पर खड़ी रही।
प्रयागराज जंक्शन से शाम 5.26 बजे रवाना होने के बाद ट्रेन छह बजे के आसपास करछना पहुंच चुकी थी। इसी दौरान पुरुषोत्तम एक्सप्रेस से हादसा हो गया। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि यात्री ट्रैक पर कैसे आ गए और हादसे की मुख्य वजह क्या रही। इसकी जांच की जा रही है। घटना की वजह से कुछ ट्रेनें रोकी गई थी फिलहाल संचालन सामान्य हो गया है।
उधर, घटना की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। मामला रेलवे बोर्ड तक कुछ ही देर में पहुंच गया। इस पर चेयरमैन रेलवे बोर्ड सतीश कुमार ने एनसीआर के वरिष्ठ अफसरों से फोन पर वार्ता कर पूरी जानकारी ली। अफसरों ने उन्हें आश्वस्त किया कि इस मामले में उन्हें जल्द ही जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
यूपी के प्रयागराज में दर्दनाक हादसा हुआ है। करछना के पचदेवरा ग्राम सभा स्थित ओवरब्रिज के नीचे रेलवे लाइन पर बुधवार शाम 6:47 बजे पुरुषोत्तम एक्सप्रेस की चपेट में आने से पांच लोगों की मौत हो गई। हादसे के शिकार लोग नेताजी एक्सप्रेस से सफर कर रहे थे। ट्रैक पर पड़े शव के कारण ट्रेन रोकी गई तो वे उसे देखने नीचे उतरे थे।
फिरोजाबाद जनपद के थाना खैरगढ़ इलाके से एक परिवार के चार सदस्य नेताजी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12312) से कोलकाता जा रहे थे। पचदेवरा के पास ट्रेन रोकी गई। ट्रैक पर पहले से एक व्यक्ति का शव पड़ा था, जिसे देखने के लिए कुछ यात्री ट्रेन से नीचे उतर आए। इसी बीच विपरीत दिशा से पुरुषोत्तम एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12801) आ गई। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक पांच लोग ट्रेन की चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
मृतकों में फिरोजाबाद निवासी एक ही परिवार के आकाश (17 वर्ष) पुत्र गिरिराज, बलराम (23 वर्ष) पुत्र मुन्ना पासी तथा उनकी भाभी व एक अन्य सदस्य शामिल हैं। एक युवक की पहचान मिर्जापुर जनपद के नीबी विशुंदरपुर निवासी सुनील कुमार (20 वर्ष) पुत्र संतलाल के रूप में हुई है, जो किसी कार्य से प्रयागराज आया था और घर लौट रहा था। घटना में मिर्जापुर के ही नकहरा निवासी प्रिंस गौतम पुत्र लालचंद बाल-बाल बच गए। हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
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