गांधीनगर, 11 जनवरी : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से सोमनाथ में 8 से 11 जनवरी के दौरान ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का भव्य आयोजन किया गया। रविवार, 11 जनवरी को प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में कई कार्यक्रम हुए।प्रधानमंत्री ने आज अपने वक्तव्य में भी लोगों की श्रद्धा, आस्था और भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट श्रद्धा को ध्यान में रखकर इस आयोजन की अवधि को लेकर ऐसा भाव व्यक्त किया था कि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ ले सकें।राज्य सरकार ने लोगों की भावनाओं और मांगों को ध्यान में रखकर इस पर्व को 15 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय किया है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं कृषि मंत्री श्री जीतूभाई वाघाणी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरक उपस्थिति में सोमनाथ में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ ऐतिहासिक रूप से मनाया जा रहा है।इस पर्व के तहत प्रधानमंत्री की प्रेरक उपस्थिति में आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ में एक लाख से अधिक लोग शामिल हुए और भगवान शिव की भक्ति में लीन दिखे।8 से 11 जनवरी तक जिस प्रकार से कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, उसी शृंखला में अब 15 जनवरी तक इस अटूट श्रद्धा के 1000 वर्षों का उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें देश भर के श्रद्धालु शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री श्री हर्षभाई संघवी के मार्गदर्शन में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों सहित समूचे प्रशासन के सफल प्रयासों के कारण ही यह पर्व सफल रहा है।भक्तिमय वातावरण में श्रद्धालुओं को अनेक परंपरागत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ रोशनी का रोमांच भी देखने को मिलेगा।इस पर्व के अंतर्गत प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में 72 घंटे का अखंड ओंकार नाद, 3000 ड्रोन का मेगा शो और 108 अश्वों की शौर्य यात्रा सहित विभिन्न राज्यों से सोमनाथ पहुंचे कलाकारों की अनेक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र बनीं।
भारतीय संस्कृतिक की धरोहर को पुनःस्थापित करने वाले इस धार्मिक समारोह का देश भर के अधिक से अधिक लोग आनंद ले सकें, इसके लिए राज्य सरकार ने इस पर्व को 15 जनवरी तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।


