शहर की जलापूर्ति व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। पीने के पानी में कीट-पतंग मिलने की घटनाओं के बाद प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग कांग्रेस कमेटी के सचिव विशु अजमानी ने निगम प्रशासन और ठेकेदार कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह सब पहले से चेतावनी के बावजूद की गई लापरवाही का नतीजा है जिसकी कीमत आम जनता अपनी सेहत से चुका रही है।
श्री अजमानी ने आगे कहा कि शहर की जनता को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है लेकिन लगातार सामने आ रही घटनाएं यह साबित कर रही हैं कि इस जिम्मेदारी को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा पहले रेत की सप्लाई को लेकर सवाल खड़े हुए थे और अब पानी में कीट-पतंग मिलना बेहद चिंताजनक है। हमने पहले ही आगाह किया था कि जिस भगोड़ी कंपनी को काम से बाहर किया गया था उसे दोबारा काम सौंपना एक गंभीर भूल साबित होगी। उन्होंने ने आरोप लगाया कि जिस कंपनी पर पहले भी लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगे थे उसे किसके संरक्षण में पुनः काम दिया गया यह अपने आप में बड़ा सवाल है। आज उसी फैसले की वजह से जनता को गंदा और असुरक्षित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने आगे कहा कि अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए कंपनी निगम प्रशासन पर आरोप मढ़ने की तैयारी कर रही है जबकि सच्चाई यह है कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जनता के स्वास्थ्य से इस तरह खिलवाड़ कब तक होता रहेगा। उन्होंने ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो जलजनित बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। उन्होंने निगम से मांग की कि दोषी कंपनी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस की मांग दोषी कंपनी का ठेका तत्काल रद्द किया जाए पूरे जलापूर्ति तंत्र की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो जनता को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाए।


